दोनों ही घटनाएं मानवीय संवेदनाओं को झकझोरने वाली हैं। एक तरफ जहां एक युवा जीवन असमय समाप्त हो गया, वहीं दूसरी तरफ एक परिवार ने अपना सहारा खो दिया। इन घटनाओं से समाज को सोचने पर मजबूर होना चाहिए कि हम अपने रिश्तों को कैसे संजोएं और जीवन को सुरक्षित कैसे बनाएं।