जैसे ही सूरज ढला, बाना गांव और आसपास के इलाकों से श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। हर कोई श्रीबांके बिहारीलाल के चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित करने और गौसेवा के इस पुनीत कार्य में अपना योगदान देने के लिए आतुर था।
इस भक्तिमय संध्या को और भी विशेष बनाया प्रसिद्ध भजन गायक ओमजी मुंडेल ने। उनकी मधुर वाणी और भक्तिपूर्ण भजनों ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। लोग भक्ति रस में डूबकर झूम उठे, और गौशाला के लिए लाखों रुपयों की सहयोग राशि समर्पित की।
अपनी प्रस्तुति के दौरान, मुंडेल जी ने गौशाला की व्यवस्थाओं की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि स्थापना के महज चार वर्षों में गौशाला ने जो प्रगति की है, वह सराहनीय है। उन्होंने गांव के हर घर से बिना किसी भेदभाव के गौशाला से जुड़ने का आह्वान किया, ताकि यह नेक कार्य और भी आगे बढ़ सके।
गौशाला समिति के सदस्य इस दौरान पूरी तरह से सक्रिय रहे। उन्होंने आयोजन से जुड़ी हर व्यवस्था को संभाला और यह सुनिश्चित किया कि सभी श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। समिति के सदस्यों ने अतिथि ओमजी मुंडेल का अभिनंदन किया और उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।
गौशाला समिति के अध्यक्ष फुसाराम बाना ने सरपंच प्रतिनिधि देवीलाल बाना, समिति के सभी सदस्यों, ग्रामीणों और श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग से ही यह आयोजन सफल हो पाया है और गौशाला का कार्य आगे बढ़ रहा है।
यह जागरण न केवल भक्ति और श्रद्धा का प्रतीक था, बल्कि यह गौसेवा के प्रति लोगों की जागरूकता और समर्पण का भी प्रमाण था। इस आयोजन ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि भक्ति और सेवा की भावना से प्रेरित होकर हम समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।