कल, 26 सितंबर को धीरदेसर चोटियान गाँव में एक भावपूर्ण दिन होगा। यह दिन भारत माँ के उस वीर सपूत को समर्पित है, जिसने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया था – शहीद बजरंगलाल चोटिया।
बजरंगलाल चोटिया, जो सीआरपीएफ में अपनी सेवाएं दे रहे थे, 26 सितंबर 2008 को असम बॉर्डर पर ड्यूटी के दौरान शहीद हो गए थे। उनकी शहादत, देश के लिए एक अटूट समर्पण की कहानी है, जो पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।
शहीद बजरंगलाल चोटिया के पुत्र, दिनेश चोटिया ने बताया कि उनके पिता के शहादत दिवस पर, गाँव में एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया जाएगा। यह सभा, शहीद नायक राकेश कुमार चोटिया राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में सुबह 9 बजे शुरू होगी।
इस अवसर पर, गाँव के लोग बड़ी संख्या में एकत्रित होकर शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। यह केवल एक श्रद्धांजलि सभा नहीं है, बल्कि यह उस असीम कृतज्ञता का प्रकटीकरण है जो हर भारतीय के हृदय में शहीदों के लिए है। यह उस ऋण को चुकाने का एक विनम्र प्रयास है, जो हम उन वीरों के प्रति रखते हैं, जिन्होंने हमारी आज़ादी और सुरक्षा के लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया।
कल, धीरदेसर चोटियान गाँव, शोक और सम्मान के रंगों में रंगा होगा। यह दिन हमें याद दिलाएगा कि स्वतंत्रता और सुरक्षा की कीमत क्या होती है, और हमें अपने देश के प्रति हमेशा वफादार रहने की प्रेरणा देगा।