श्री गणेश के नाम से शुभारंभ करते हुए, आइए आज के पंचांग के शुभ फलों को जानें। शास्त्रों में वर्णित है कि तिथि का श्रवण माँ लक्ष्मी की कृपा दिलाता है, वार सुनने से आयु बढ़ती है, नक्षत्र पापों का नाश करता है, योग प्रियजनों का प्रेम बढ़ाता है और करण सभी मनोकामनाओं को पूरा करता है। इसलिए, जीवन में शुभ फलों की प्राप्ति के लिए नित्य पंचांग का अवलोकन करना चाहिए।
आज, 25 सितंबर, 2025, श्रीडूंगरगढ़ में पंचांग इस प्रकार है:
* **तिथि:** तृतीया (प्रातः 07:07 तक)
* **नक्षत्र:** स्वाति (सायं 07:08 तक)
* **करण:** गर, वणिज (प्रातः 07:07 तक)
* **पक्ष:** शुक्ल
* **योग:** वैधृति (रात्रि 09:53 तक)
* **वार:** गुरुवार
* **सूर्योदय:** प्रातः 06:23
* **चंद्रोदय:** प्रातः 09:20
* **चंद्र राशि:** तुला
* **सूर्यास्त:** सायं 06:27
* **चंद्रास्त:** रात्रि 08:11
* **ऋतु:** शरद
* **शक सम्वत:** 1947 विश्वावसु
* **विक्रम सम्वत:** 2082
* **मास अमांत:** आश्विन
* **मास पूर्णिमांत:** आश्विन
* **अभिजीत मुहूर्त:** दोपहर 12:01 से 12:49 तक
राहुकाल, यमगण्ड, गुलिक काल और अन्य अशुभ मुहूर्त भी पंचांग में दिए गए हैं।
गुरुवार के दिन कुछ विशेष बातों का ध्यान रखने की सलाह दी जाती है। मान्यता है कि इस दिन सर धोने, शरीर में साबुन लगाने या कपड़े धोने से घर से लक्ष्मी रूठ जाती हैं। बृहस्पति देव को प्रसन्न करने के लिए पीतल के बर्तन में चने की दाल, हल्दी और गुड़ डालकर केले के पेड़ पर चढ़ाकर दीपक जलाना शुभ माना जाता है। स्त्रियों के लिए हल्दी का उबटन दांपत्य जीवन में प्रेम बढ़ाता है, वहीं कुंवारी कन्याओं और युवकों को योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति में सहायक होता है। गुरुवार को विष्णु जी की उपासना और विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ विशेष फलदायी होता है।
आज शरद नवरात्रि का चौथा दिवस है, माँ कूष्मांडा को समर्पित। उन्हें हलवे का भोग अर्पित किया जाता है।
यह जानकारी पंडित श्रीडूंगरगढ़ ONE द्वारा प्रदान की गई है।