संस्थान के वरिष्ठ शिक्षाविद् राजेश रंगा ने इस आयोजन की जानकारी देते हुए बताया कि यह साहित्यिक संध्या रविवार को शाम 6 बजे, लक्ष्मीनारायण रंगा सृजन-सदन, नत्थूसर गेट के बाहर आयोजित की जाएगी।
कार्यक्रम में वरिष्ठ आलोचक डॉ. उमाकांत गुप्त मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे, जो अपने विचारों से श्रोताओं को आलोकित करेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता जाने-माने कवि कमल रंगा करेंगे, जिनकी उपस्थिति आयोजन को और भी गरिमामय बनाएगी।
इस बार की कड़ी का केंद्र बिंदु रवि पुरोहित का चर्चित काव्य संग्रह ‘आग अभी शेष है’ होगा। रवि पुरोहित साहित्य जगत में एक प्रतिष्ठित नाम हैं, जिनकी लेखनी ने कई दिलों को छुआ है। उनकी कई पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं और उन्हें राष्ट्रीय अनुवाद पुरस्कार जैसे प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा जा चुका है।
कवयित्री मोनिका गौड़, मुख्य वक्ता के रूप में पुस्तक पर अपनी आलोचनात्मक राय रखेंगी। वहीं, संवादी क़ासिम बीकानेरी और जुगल किशोर पुरोहित अपनी संक्षिप्त समीक्षा से श्रोताओं को काव्य संग्रह की गहराई में ले जाएंगे। युवा कवि गिरिराज पारीक इस पूरे कार्यक्रम का संचालन करेंगे, जो अपनी ऊर्जावान शैली से माहौल को बांधे रखेंगे।
‘पुस्तकालोचन’ कार्यक्रम, श्रीडूंगरगढ़ में साहित्य के प्रति अनुराग रखने वालों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित हो रहा है, जहां पुस्तकों पर गहन विचार-विमर्श होता है और साहित्य की नई दिशाओं पर चर्चा की जाती है।