सूत्रों के अनुसार, कंपनी ने गांव के मंदिर के पास दो मीटर लगा दिए थे और तीसरे मीटर को लगाने की तैयारी कर रहे थे। इसी बीच, गांव में यह खबर फैल गई। देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जमा हो गए और कंपनी के कर्मचारियों के खिलाफ ज़ोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
ग्रामीणों ने कंपनी के कर्मचारियों से आग्रह किया कि वे लगाए गए मीटरों को वापस ले जाएं। ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए, कंपनी के कर्मचारियों ने तत्काल मीटर उतार लिए।
इस घटना के बाद ग्रामीणों ने एकजुट होकर घोषणा की कि वे अपने गांव में एक भी स्मार्ट मीटर नहीं लगने देंगे। उनका कहना था कि वे इस योजना के बारे में पूरी जानकारी चाहते हैं और उनकी आपत्तियों का समाधान होना चाहिए।
विरोध प्रदर्शन में अखिल भारतीय किसान सभा के जिला सदस्य मामराज गोदारा, जगदीश गोदारा, गंगाराम, भागीरथ सारण, भागीरथ गोदारा, रत्तीराम गोदारा, मनोज शर्मा, राजू शर्मा, मघाराम आंवला, देवीलाल सारण, नौरत शर्मा, शयोपतराम गोदारा, वरिष्ठ महिला केशर देवी शर्मा, बिरजु शर्मा, रामकिशन गोदारा सहित अनेक ग्रामीण शामिल हुए।
यह घटना स्मार्ट मीटर योजना को लेकर ग्रामीणों के बीच गहरे अविश्वास और आशंकाओं को दर्शाती है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन और कंपनी इस स्थिति से कैसे निपटते हैं और ग्रामीणों की चिंताओं को दूर करने के लिए क्या कदम उठाते हैं। क्या बातचीत से कोई रास्ता निकलेगा या यह विरोध और भी उग्र रूप लेगा, यह आने वाला समय ही बताएगा।