बीदासर निवासी संजूराम, पुत्र पप्पूराम नायक, अपनी पत्नी के साथ बाइक पर सवार होकर श्रीडूंगरगढ़ से अपने घर बीदासर की ओर जा रहे थे। उनके साथ कुछ घरेलू सामान भी था, जो जीवन की छोटी-मोटी ज़रूरतों का प्रतीक था। संजूराम ने हेलमेट पहन रखा था, शायद जीवन की अनिश्चितताओं से लड़ने की एक कोशिश में।
दुर्भाग्यवश, रास्ते में एक कार से उनकी टक्कर हो गई। संजूराम गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें तत्काल बीकानेर रेफर कर दिया गया। उनकी पत्नी, जिन्होंने हेलमेट नहीं पहना था, बुरी तरह से घायल हो गईं। उन्हें श्रीडूंगरगढ़ के उपजिला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों की टीम ने उनकी सांसों को बचाने की भरसक कोशिश की। पर होनी को कौन टाल सकता है? लाल रंग के जोड़े में सजी, वह नववधू इस दुनिया को अलविदा कह गई।
मौके पर मौजूद ग्रामीणों में आक्रोश था। उनका आरोप था कि कार चालक ने गलत दिशा में आकर टक्कर मारी, जिसके कारण यह हादसा हुआ। यह आरोप अभी जांच का विषय है, पर ग्रामीणों का गुस्सा सड़कों पर असुरक्षा की भावना को दर्शाता है।
घटना की सूचना तत्काल घायल संजूराम और मृतका के परिजनों को दे दी गई। कल्पना कीजिए, उन पर क्या गुजरी होगी? एक हंसता-खेलता परिवार पल भर में बिखर गया।
यह घटना हमें सड़कों पर सतर्कता और सुरक्षा के महत्व को याद दिलाती है। एक छोटी सी चूक, एक पल की असावधानी, जीवन को हमेशा के लिए बदल सकती है। यह खबर सिर्फ एक दुर्घटना की खबर नहीं है, बल्कि एक चेतावनी है, एक प्रार्थना है कि सड़कें सुरक्षित हों और जीवन अनमोल बना रहे।