एडवोकेट श्यामसुन्दर आर्य की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में छात्रावास के विकास कार्यों पर विस्तृत चर्चा हुई। समिति के मंत्री सुशील सेरडिया ने भवन निर्माण कार्यों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की और साथ ही 3.23 करोड़ रुपये के आय-व्यय का विवरण भी सभा के समक्ष रखा।
बैठक में सबसे महत्वपूर्ण घोषणा संत कर्मा बाई बालिका छात्रावास में एक नई लाइब्रेरी के शुभारंभ की रही। एडवोकेट श्यामसुन्दर आर्य और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने संयुक्त रूप से लाइब्रेरी का उद्घाटन किया, जो अब छात्राओं के लिए ज्ञान का एक नया स्रोत होगी।
इसके अतिरिक्त, स्व. ज्यानी देवी व स्व. चुन्नाराम ज्यानी (लिखमादेसर) की स्मृति में उनके पुत्र देवाराम व भगवानाराम ज्यानी ने छात्रावास में एक कमरा बनवाने की घोषणा की। यह कमरा विद्यार्थियों के लिए अध्ययन और आवास की सुविधा प्रदान करेगा।
दानदाताओं ने भी शिक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाते हुए उदारतापूर्वक दान दिया। स्व. ज्ञानीराम गोदारा (पिपासरिया) की स्मृति में उनके पुत्र रामेश्वरलाल और पौत्र राजपाल ने ₹1.01 लाख देने की घोषणा की। स्व. मालाराम जाखड़ (इन्दपालसर) की स्मृति में घोषित ₹5.41 लाख का चेक एडवोकेट राजुराम जाखड़ ने मैनेजमेंट को सौंपा। वहीं, स्व. भूराराम सेरडिया (दुसारणा बड़ा) की स्मृति में घोषित ₹1.01 लाख पौत्र सुशील सेरडिया ने भेंट किया। बालिका छात्रावास में सुरक्षा को मजबूत करने के लिए, बीरबलराम व रामलाल पुत्र हिम्मताराम जाखड़ (बेनिसर) ने सीसीटीवी कैमरे लगाने हेतु ₹1.25 लाख की सहयोग राशि प्रदान की।
समिति ने आगामी कार्यक्रमों की भी घोषणा की। 28-29 सितंबर को लोकनायक लूणाराम सारण की पुण्यतिथि पर दो दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा, जिसमें समाज के विभिन्न क्षेत्रों के लोग भाग लेंगे।
अध्यक्ष एडवोकेट श्यामसुन्दर आर्य ने दानदाता परिवारों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “दानदाताओं ने शिक्षा क्षेत्र में युग निर्माण की आधारशिला रखी है। आने वाले समय में यह मजबूत शिक्षा व्यवस्था का आधार बनेगी।” उन्होंने यह भी कहा कि दानदाताओं के इस योगदान से शिक्षा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित होंगे और विद्यार्थियों को बेहतर भविष्य के लिए तैयार किया जा सकेगा।
बैठक में रिटायर्ड तहसीलदार चन्द्राराम कुकणा, पूर्व सरपंच लक्ष्मणराम खिलेरी, एडवोकेट राजुराम जाखड़, हिम्मताराम जाखड़ सहित बड़ी संख्या में गणमान्यजन और छात्र मौजूद रहे। सभी ने शिक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और छात्रावास के विकास में हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया।