कार्यक्रम की शुरुआत ज्ञान की देवी माता सरस्वती के चरणों में दीप प्रज्वलन और पुष्पांजलि अर्पित कर हुई। जिला परिषद पीओ, मनरेगा लोकपाल संजिदा बानो और जिला संसाधन व्यक्ति नंदलाल शर्मा का पुष्पहारों से स्वागत किया गया।
SSAAT राजस्थान की टीम ने प्रशिक्षण में पंचायत निर्णय ऐप को लागू करने की नई प्रक्रिया पर विस्तृत जानकारी दी। जिला संसाधन व्यक्ति नंदलाल शर्मा ने मास्टर ट्रेनर के रूप में ऐप के उपयोग की तकनीकी जानकारी और प्रदर्शन प्रस्तुत किया। यह बताया गया कि ऐप के माध्यम से अब ग्राम सभा की कार्यवाही को दर्ज किया जा सकेगा।
कार्यक्रम में भाग लेने वाले प्रतिनिधियों ने अपने अनुभव साझा किए। श्रीडूंगरगढ़ के बाबूलाल गर्ग (BRP) ने ऐप पर आईडी मैपिंग का ट्रायल प्रस्तुत करते हुए कहा कि अब ग्राम सभा के निर्णय सीधे आमजन तक पहुंचेंगे। नोखा के सोहनलाल (BRP) ने इस पहल को सामाजिक उत्तरदायित्व बढ़ाने वाला बताया और कहा कि इससे ग्रामीण समाज की भागीदारी मजबूत होगी। लूणकरणसर के किशनाराम भादू (BRP) ने इसे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने वाला कदम बताते हुए ग्रामीण समुदाय को सशक्त बनाने का माध्यम बताया।
SSAAT और जिला परिषद बीकानेर की ओर से निर्देश दिए गए कि सभी ब्लॉक और पंचायत स्तर पर प्रशिक्षण की सूचना समय पर पहुंचाई जाए और अधिकतम उपस्थिति सुनिश्चित की जाए।
यह पहल ग्राम सभाओं में पारित प्रस्तावों को अधिक प्रभावी बनाने के साथ शासन-प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। माना जा रहा है कि यह ऐप ग्रामीण विकास में एक नया अध्याय लिखेगा, जहाँ हर नागरिक को अपने गाँव के फैसलों के बारे में जानने का अधिकार होगा।