श्रीडूंगरगढ़, 23 सितंबर 2025। संत कर्मा बाई बालिका छात्रावास में आज एक महत्वपूर्ण दिन था, जब एडवोकेट श्याम सुन्दर आर्य और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने संयुक्त रूप से छात्रावास के नए पुस्तकालय कक्ष का फीता काटकर उद्घाटन किया। इस अवसर पर एडवोकेट आर्य ने कहा कि पुस्तकालय की सुविधा छात्राओं के अध्ययन को एक नई दिशा और गति प्रदान करेगी।
उद्घाटन समारोह के साथ ही महर्षि दयानंद सरस्वती छात्रावास विकास समिति श्रीडूंगरगढ़ की एक बैठक भी आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता एडवोकेट श्याम सुन्दर आर्य ने की। इस दौरान लिखमादेसर के देवाराम भगवानाराम ज्यानी ने अपनी माता-पिता, ज्यानी देवी और चुन्नाराम ज्यानी की स्मृति में छात्रावास में एक कमरा बनवाने की घोषणा की, जो निश्चित रूप से छात्राओं के लिए एक बड़ी मदद होगी।
बैठक में आगामी 28 एवं 29 सितंबर को दिवंगत नेता लूणाराम सारण की पुण्यतिथि पर आयोजित होने वाले दो दिवसीय कार्यक्रम की रूपरेखा पर भी चर्चा हुई। इस कार्यक्रम में समाज के विभिन्न क्षेत्रों से लोगों के भाग लेने की संभावना है, जो दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।
दुसारणा पिपासरिया के ज्ञानीराम गोदारा की स्मृति में उनके पुत्र रामेश्वर लाल और पौत्र राजपाल गोदारा ने 1.01 लाख रुपये की सहयोग राशि देने की घोषणा की। इसके अतिरिक्त, इंदपालसर हीरावतान के पूर्व सरपंच मालाराम जाखड़ की स्मृति में घोषित कमरा निर्माण के लिए 5.41 लाख रुपये का चेक उनके पुत्र एडवोकेट राजूराम जाखड़ ने प्रबंधन को सौंपा।
दुसारणा बड़ा के भूराराम सेरडिया की स्मृति में घोषित 1.01 लाख रुपये की सहयोग राशि उनके पौत्र सुशील सेरडिया ने प्रदान की। छात्रावास में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से, बेनीसर के बीरबलराम और रामलाल पुत्र हिम्मताराम जाखड़ ने सीसीटीवी कैमरे लगवाने के लिए 1.25 लाख रुपये की राशि प्रबंधन को सौंपी।
बैठक में छात्रावास के मंत्री सुशील सेरडिया ने 3.23 करोड़ रुपये की आय-व्यय का विवरण प्रस्तुत किया। एडवोकेट श्याम सुन्दर आर्य ने दानदाता परिवारों का आभार व्यक्त किया, जिनके उदार योगदान से छात्रावास के विकास में मदद मिल रही है।
इस अवसर पर रिटायर्ड तहसीलदार चन्द्राराम कुकणा, पूर्व सरपंच लक्ष्मणराम खिलेरी, मोडाराम तरड़, मोहनराम कुलड़िया, चाँदराम चाहर, कानाराम तरड़, पुरखाराम कुकणा, रामचन्द्र गोदारा, सरपंच जसवीर सारण, एडवोकेट राजुराम जाखड़, हिम्मताराम जाखड़, भंवरलाल खिलेरी, नेमाराम तरड़, डूंगरराम गोदारा, गणेश पोटलिया, रामचन्द्र गीला, मुखराम खिलेरी, रामलाल जाखड़, दीपाराम खिलेरी, बीरबल जाखड़, हनुमान महिया, ओमप्रकाश, दयानन्द बेनीवाल, श्याम सारण, देवाराम ज्याणी, भगवानाराम ज्याणी, गोपाल खिलेरी, हरलाल भाम्भू, ओमप्रकाश गोदारा सहित छात्रावास के छात्र उपस्थित थे। छात्रावास अधीक्षक श्रवण कुमार भाम्भू ने सभी का आभार व्यक्त किया।
यह कार्यक्रम शिक्षा, स्मृति और समाज सेवा के अनूठे संगम का प्रतीक था, जिसमें समुदाय के सदस्यों ने मिलकर भविष्य की पीढ़ी के लिए बेहतर अवसर प्रदान करने का संकल्प लिया।