सातलेरा में अध्यापक नवरतन सारस्वत के सहयोग से विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। गाँव के गणमान्य नागरिकों, विद्यालय के विद्यार्थियों और मातृशक्ति ने मिलकर कलश यात्रा का अभिनंदन किया, जिससे पूरे क्षेत्र में धार्मिक उल्लास छा गया।
कितासर में भी यात्रा का स्वागत पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ किया गया। इसके बाद, बिग्गा गाँव में भैरुजी मंदिर परिसर में दो कुंडी महायज्ञ का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने यज्ञ में आहुति देकर पुण्य लाभ कमाया।
अखंड ज्योति कलश यात्रा का यह आयोजन गायत्री परिवार के संस्थापक गुरुदेव पं. श्रीराम शर्मा आचार्य की स्मृति को समर्पित है। उन्होंने वर्ष 1926 में अखंड दीप प्रज्वलित कर साधना शुरू की थी। वह दीप आज भी निरंतर प्रज्वलित है, जो अपने आप में एक मिसाल है। इस दीपक के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में ही यह अखंड ज्योति कलश यात्रा पूरे देश में निकाली जा रही है, जिसका उद्देश्य लोगों को धर्म और अध्यात्म से जोड़ना है। यात्रा के दौरान लोगों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है, जो गुरुदेव के प्रति उनकी श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक है।