राजस्थान में माली, सैनी, कुशवाहा, मौर्य और काछी समाज के उत्थान के लिए ज्योतिबा फुले बोर्ड के गठन की मांग एक बार फिर ज़ोर पकड़ रही है। समाज के युवाओं ने सोशल मीडिया पर एक अभियान छेड़ रखा है, जिसके ज़रिए वे इस मुद्दे को सरकार तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं।
इसी क्रम में, श्रीडूंगरगढ़ के गांव मोमासर के कुछ जागरूक युवाओं ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, मंत्री अविनाश सैनी और विधायक ताराचंद सारस्वत को पत्र लिखकर बोर्ड के शीघ्र गठन का आग्रह किया है। जितेंद्र सैनी, पवन सैनी, कमल सैनी और धनेश सैनी जैसे युवाओं का मानना है कि माली, सैनी, कुशवाहा और मौर्य, काछी समाज की सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक उन्नति के लिए विशेष प्रयास किए जाने की आवश्यकता है।
इन युवाओं का कहना है कि समाज में व्याप्त पिछड़ेपन को दूर करने, युवाओं के लिए शिक्षा के अवसर बढ़ाने और आर्थिक समृद्धि लाने के लिए ज्योतिबा फुले बोर्ड का गठन अत्यंत आवश्यक है। मोमासर इकाई ने मुख्यमंत्री से इस विषय पर गंभीरता से विचार करने और जल्द ही अधिसूचना जारी कर बोर्ड में नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने की अपील की है।
उल्लेखनीय है कि पिछली सरकार ने ज्योतिबा फुले बोर्ड का गठन किया था। अब, वर्तमान सरकार से समाज के लोग बोर्ड में नियुक्तियां करने की लगातार मांग कर रहे हैं, ताकि समाज के विकास के लिए ठोस कदम उठाए जा सकें। इस मांग के पीछे समाज की उम्मीदें और आकांक्षाएं जुड़ी हुई हैं, जो सरकार की ओर आशा भरी नज़रों से देख रही हैं।