बारिश की तीव्रता का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कस्बे में आधा दर्जन से अधिक मकान और दीवारें ढह गईं। बिजली आपूर्ति ठप्प होने से पूरा शहर अंधेरे में डूब गया, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो गई।
धोलिया रोड और मोमासर बास के वाल्मिकी मोहल्ले में जलभराव की स्थिति बेहद चिंताजनक है। धोलिया रोड पर लगभग डेढ़ दर्जन घरों में पानी घुस गया, जिससे लोगों का सामान बुरी तरह से बर्बाद हो गया। बिग्गा बास के वार्ड नंबर 24 में इंद्रचंद रेगर के मकान में पानी भरने से उनका सारा सामान पानी में तैर रहा है। घर के लोग अपने 6 महीने के बच्चे को लेकर बाहर खड़े हैं और मदद का इंतजार कर रहे हैं।
विभिन्न घरों से परेशान लोग जलनिकासी करवाने की लगातार मांग कर रहे हैं, उनका कहना है कि राहत कार्य में तेजी लाई जाए।
इस आपदा की गंभीरता को देखते हुए उपखंड अधिकारी शुभम शर्मा ने तत्काल कस्बे का दौरा किया और राहत कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने राजकीय अस्पताल पहुंचकर वहां से अस्पताल परिसर में भरे पानी की निकासी का प्रबंधन करवाया।
ऐसे संकट की घड़ी में इंसानियत की मिसाल भी देखने को मिल रही है। जलभराव वाले मकानों के पड़ोसी मदद के लिए आगे आ रहे हैं। वे न केवल घरों से पानी निकलवाने में मदद कर रहे हैं, बल्कि भोजन इत्यादि की व्यवस्था भी कर रहे हैं।
विश्व हिंदू परिषद भी इस मुश्किल घड़ी में लोगों की मदद के लिए आगे आई है। प्रखंड अध्यक्ष श्यामसुंदर जोशी (9001040396) और जिला सह मंत्री वासुदेव सारस्वत (6376937100) के नंबरों पर मदद के लिए संपर्क किया जा सकता है।
जिन घरों में पानी भरा है, उनके रहने की व्यवस्था सरदारशहर रोड पर स्थित आदर्श विद्या मंदिर स्कूल में की गई है। घरों में पानी भरने के कारण यदि भोजन बनाने में परेशानी हो रही है, तो शिवम केटर्स के जीतू सिंधी द्वारा नि:शुल्क भोजन उपलब्ध करवाया जाएगा। भोजन के लिए परेशान नागरिक 7023180579 पर संपर्क कर सकते हैं।
यह आपदा श्रीडूंगरगढ़ के लोगों के लिए एक कठिन परीक्षा लेकर आई है। ऐसे में, एकजुट होकर और एक-दूसरे का सहारा बनकर ही इस मुश्किल परिस्थिति से निपटा जा सकता है।