मुखराम के अनुसार, जाखासर निवासी रामदेव जाट, जो कुछ महीनों पहले उनके खेत में काश्त करने आया था और वहीं ढाणी बनाकर रहने लगा था, पर चोरी का आरोप है। मुखराम ने पुलिस को बताया कि 15 अगस्त को जब उसकी पत्नी खेत में काम करने गई थी, तब ढाणी में उसके दो छोटे बच्चे अकेले थे।
परिवादी के अनुसार, दोपहर में जब उसकी पत्नी वापस आई तो उसने बच्चों को गहरी नींद में पाया और संदूक खुला हुआ था। संदूक से लगभग डेढ़ लाख रुपये नकद, सोने के आभूषण और चांदी के पायल गायब थे।
मुखराम ने अपने बच्चों से बात की, तो उन्होंने बताया कि रामदेव ने उन्हें दुकान पर कुछ सामान लाने के लिए भेजा था, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। इसके बाद, आरोपी ने उन्हें मतीरा खिलाया, जिसके बाद उन्हें नींद आ गई।
मुखराम ने रामदेव और उसके परिवार पर चोरी का आरोप लगाते हुए पुलिस में मामला दर्ज कराया है। पुलिस ने मामले की जांच एएसआई राजकुमार को सौंप दी है।
यह घटना न केवल एक चोरी का मामला है, बल्कि मानवीय रिश्तों में भरोसे की अहमियत पर भी सवाल उठाती है। पुलिस मामले की तह तक जाने और सच्चाई सामने लाने में जुटी है। देखना यह है कि जांच में क्या निकलकर आता है और इस घटना से गांव के सामाजिक ताने-बाने पर क्या प्रभाव पड़ता है।