हर साल मेले के बाद व्यवस्थाओं को लेकर कुछ शिकायतें सामने आती थीं, लेकिन इस बार स्थिति कुछ अलग रही। इस वर्ष, मेले में व्यवस्थाओं में किए गए सुधारों की व्यापक सराहना हुई।
मेले के सुचारू संचालन में प्रशासन की सक्रिय भूमिका महत्वपूर्ण रही। एरिया मजिस्ट्रेट शुभम शर्मा ने मेले के आरम्भ से लेकर समापन तक पूनरासर में ही डेरा डाले रखा। मंदिर परिसर में स्थापित कंट्रोल रूम से उन्होंने अपने सहयोगियों के साथ लगातार स्थिति पर नजर रखी। ग्रामीणों के अनुसार, एसडीएम ने स्वयं मेले की सभी व्यवस्थाओं की निगरानी की और लगातार जायजा लेते रहे।
पुलिस प्रशासन भी मुस्तैद रहा। एएसपी कैलाश सादूं, सीओ निकेत पारीक और सेरूणा एसएचओ पवन कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने रूट और भीड़ नियंत्रण के लिए तैनात कर्मियों से लगातार जानकारी ली। प्रशासनिक अधिकारी शुभम शर्मा ने विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए मेला संचालन में सक्रिय योगदान दिया। उन्होंने श्रद्धालुओं के लिए लगाए गए सेवा शिविरों का भी निरीक्षण किया और भोजनशालाओं में स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिए।
श्रीपूनरासर हनुमानजी ट्रस्ट और पुजारी ट्रस्ट ने उपखंड अधिकारी के प्रयासों की सराहना की है। ट्रस्ट के सदस्यों जुगराज सिरोहिया, बजरंगलाल पारीक, मोटूलाल हर्ष, संपत्त पारीक, रमेश व्यास और तुलसीदास पुरोहित ने एसडीएम शर्मा को दुपट्टा और बाबा की माला पहनाकर सम्मानित किया। ग्रामीणों ने भी उपखंड अधिकारी के तीन दिन मेले में रहकर व्यवस्थाएं संभालने के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की।
ट्रस्ट ने स्थानीय विधायक ताराचंद सारस्वत और विधायक जेठानंद व्यास के सहयोग के लिए भी आभार व्यक्त किया।
यह मेला, आस्था और सामुदायिक सद्भाव का प्रतीक है, जो हर साल लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। इस वर्ष, बेहतर प्रबंधन और समन्वय के साथ, मेला सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जिससे प्रशासन और श्रद्धालु दोनों ने राहत की सांस ली।