श्रीडूंगरगढ़, 27 अगस्त, 2025। गणेश चतुर्थी का पर्व आते ही वातावरण में भक्ति और उल्लास की एक लहर दौड़ पड़ती है। इसी पावन अवसर पर, दुलचासर निवासी ठकुराइन गोरा कंवर, धर्मपत्नी ठाकुर मगसिंह पड़िहार, ने श्री गोपाल गौशाला में एक अद्भुत पहल की। उन्होंने गौमाता और गौवंश के लिए बिनोला खल, मूंग चूरी और गुड़ का भंडारा करवाया, मानो अन्नपूर्णा स्वयं गौशाला में उतर आई हों।
इस अवसर पर गौशाला के सचिव रेवंत सिंह पड़िहार ने बताया कि ठकुराइन गोरा कंवर ने गौवंश के प्रति अपनी गहरी श्रद्धा और समर्पण का भाव प्रकट किया है। उनका यह कार्य गौशाला में सेवा और करुणा की भावना को और भी प्रबल करता है।
इसी बीच, गांव के ही रामकिशन ने भी सेवा भाव दिखाते हुए एक कटा ज्वार पक्षियों के लिए समर्पित किया। यह कार्य न केवल गौशाला परिसर में आने वाले पक्षियों के लिए भोजन का प्रबंध करेगा, बल्कि यह भी दर्शाता है कि किस प्रकार एक छोटा सा प्रयास भी जीव-जन्तुओं के प्रति प्रेम और करुणा को बढ़ावा दे सकता है।
गणेश चतुर्थी के इस शुभ अवसर पर गौशाला में उमड़ा यह सेवा भाव, न केवल गौवंश के लिए अन्न का प्रबंध करता है, बल्कि यह भी याद दिलाता है कि सच्ची भक्ति और श्रद्धा का मार्ग जीव-जंतुओं के प्रति करुणा और सेवा से होकर गुजरता है। ठकुराइन गोरा कंवर और रामकिशन के इस प्रयास ने गौशाला को एक ऐसा स्थान बना दिया है, जहाँ न केवल गौवंश का पोषण होता है, बल्कि प्रेम और करुणा की भावना भी पोषित होती है।