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51 फुट के गणेशजी, माँ-बेटे के वात्सल्य का प्रतीक, चतुर्थी पर मंदिर में भरा मेला, सैंकड़ो श्रद्धालु लगा रहें धोक

श्रीडूंगरगढ़, 27 अगस्त 2025। गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र भक्ति और उल्लास में डूबा हुआ है। प्रथम पूज्य भगवान गणेश का जन्मोत्सव यहां बड़े ही धूमधाम से मनाया जा रहा है।

क्षेत्र के गांव मोमासर में स्थित गणेश धोरा धाम पर भक्तों का सैलाब उमड़ रहा है। इस मंदिर की विशेष पहचान है यहां स्थापित 51 फुट ऊंची भगवान गणेश की विशाल मूर्ति। यह मूर्ति मंदिर के बाबा बिहारीनाथ की माता द्वारा अपने पुत्र प्रेम में स्थापित करवाई गई थी। यह मूर्ति मां और बेटे के स्नेह का प्रतीक है, जो भगवान गणेश के प्रति माता पार्वती के वात्सल्य को दर्शाती है।

गणेश चतुर्थी के अवसर पर मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग ले रहे हैं। मंदिर प्रांगण में पिछले सात दिनों से चल रही भागवत कथा का समापन आज हवन और पूजन के साथ होगा। कथा का वाचन बिहारीनाथ महाराज ने किया। आज रात यहां भव्य जागरण का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें श्रद्धालु भक्ति रस में डूबेंगे।

आज के दिन मंदिर में लालनाथ जी महाराज की मूर्ति भी स्थापित की गई है। दिनभर प्रसाद वितरण का कार्यक्रम जारी रहेगा, जिसमें मोमासर और आसपास के गांवों से आए ग्रामीण श्रद्धालु बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। यहां श्रद्धालु भगवान गणेश से अपनी मन्नतें मांग रहे हैं और आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं।

मंदिर परिसर में मेले जैसा माहौल है, जहां दुकानें और स्टॉल सजे हुए हैं। बच्चे और बड़े सभी इस उत्सव में आनंद ले रहे हैं। गणेश चतुर्थी का यह पर्व श्रीडूंगरगढ़ में भक्ति, आस्था और सामुदायिक सौहार्द का प्रतीक बन गया है। यह दिन न केवल भगवान गणेश की आराधना का है, बल्कि मां और बेटे के पवित्र रिश्ते को भी समर्पित है।

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