23 अगस्त, 2025 की शाम श्रीडूंगरगढ़ के श्रीकरणी हैरिटेज रिजॉर्ट का प्रांगण एक विशेष समागम का साक्षी बना। अवसर था क्षेत्र के लोकप्रिय पत्रकार विशाल स्वामी का जन्मदिन, जिसे श्रीडूंगरगढ़ के प्रबुद्ध नागरिकों ने एक यादगार अभिनंदन समारोह में बदल दिया।
शाम ढलते ही रिजॉर्ट परिसर में मानो स्नेह और सम्मान की सरिता उमड़ पड़ी। पार्टी, संगठन और पेशे की दीवारें तोड़कर लोग एकजुट हुए थे, सबके मन में एक ही भाव – विशाल स्वामी के प्रति कृतज्ञता और आदर।
क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा आयोजित इस समारोह में स्वामी के जीवन और कार्यों पर प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि स्वामी ने अपने जीवन में जिस तरह से सामूहिकता को बढ़ावा दिया, वह युवाओं के लिए प्रेरणादायक है।
समारोह में उपस्थित सभी लोगों ने पूरे उत्साह के साथ स्वामी को साफा पहनाकर और 51 किलो की माला से अभिनंदन किया। उन्हें स्मृति चिन्ह भी भेंट किए गए। हर चेहरे पर मुस्कान थी और हर कंठ से शुभकामनाएं निकल रही थीं।
इस अवसर पर पत्रकारिता जगत से शुभकरण पारीक, संजय पारीक, नारायण सारस्वत, अनिल धायल, कैलाश राजपुरोहित और आदूराम मेहरा उपस्थित थे। निजी स्कूलों के सेवा संगठन के प्रदेशाध्यक्ष कोडाराम भादू, शिक्षाविद मनोज गुंसाई, कुम्भाराम घिंटाला और अमित आर्य ने भी समारोह की शोभा बढ़ाई।
लॉयन्स क्लब के अध्यक्ष महावीर माली, रमेश सोनी, अणुव्रत समिति के सत्यनारायण स्वामी, रणवीर सिंह खीची, अशोक झाबक, नागरिक विकास परिषद के रमेश प्रजापत, केएल जैन, विश्व हिंदू परिषद के श्याम जोशी, महेश माली, संतोष बोहरा, वासुदेव सारस्वत, कैलाश पालीवाल, प्रदीप जोशी, तेयुप के पूर्व अध्यक्ष मनीष नौलखा, भाजपा के महेश राजोतिया, जगदीश गुर्जर, कांग्रेस के हरिराम बाना, संतोष गोदारा, शीशपाल गोदारा, दिनेश पिलानिया, मोहसिन खान, सीपीएम के संतोष नैण, गौरव टाडा और सामाजिक कार्यकर्ता सूर्यप्रकाश गांधी, महेश तावनिया, दिलीप इंदौरिया, गोविंद सारस्वत, कृष्णा राजपुरोहित, शंकर कलवानियां, अशोक सारण, परम नाई सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने स्वामी को अपनी शुभकामनाएं दीं।
गोपालदास स्वामी परिवार की ओर से रजनीश स्वामी, विक्रम स्वामी और प्रिशु स्वामी ने सभी आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
यह समारोह न केवल विशाल स्वामी के प्रति सम्मान का प्रतीक था, बल्कि यह श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में एकता, सद्भाव और सामाजिक समरसता का भी परिचायक था। यह एक ऐसा अवसर था जिसने सभी को सोचने पर मजबूर कर दिया कि कैसे हम सब मिलकर अपने क्षेत्र को और बेहतर बना सकते हैं।