श्रीडूंगरगढ़, 23 अगस्त 2025। कल्याणसर नया गांव में मातम पसरा है। एक 22 वर्षीय युवक, जो अपने परिवार और गांव के लिए उम्मीदों का प्रतीक था, अब नहीं रहा। मुन्नीराम गोदारा का असमय निधन, पूरे क्षेत्र को गहरे दुख में डुबो गया है।
मुन्नीराम, जो अपने भविष्य को संवारने के लिए कठिन परिश्रम कर रहा था, सरकारी नौकरी की तैयारी में जुटा था। वह बीकानेर में रहकर पढ़ाई कर रहा था और अपने परिवार को एक बेहतर जीवन देने का सपना देख रहा था। इसी सपने को पूरा करने के लिए, उसने जोधपुर में आयोजित आर्मी दौड़ में भाग लेने का निर्णय लिया।
20 अगस्त को मुन्नीराम जोधपुर के लिए रवाना हुआ। अगले दिन, वह बीएसएफ क्षेत्र में आयोजित दौड़ में शामिल हुआ। सूत्रों के अनुसार, दौड़ के दौरान मुन्नीराम अचानक गिर पड़ा, लेकिन उसने हार नहीं मानी। वह उठा और फिर दौड़ा, लक्ष्य को पार करने की चाह में। लेकिन, जैसे ही उसने लाइन पार की, वह फिर गिर गया और बेहोश हो गया।
तत्काल, आर्मी जवानों ने मुन्नीराम को मथुरादास माथुर राजकीय अस्पताल पहुंचाया और उसके परिवार को सूचित किया। मुन्नीराम के ताऊ का बेटा, रामनिवास गोदारा, तुरंत अस्पताल पहुंचा। परिजनों ने हर संभव कोशिश की, लेकिन दुर्भाग्यवश, 22 अगस्त की रात मुन्नीराम ने अंतिम सांस ली।
रामनिवास ने बताया कि मुन्नीराम की सीटी स्कैन और सोनोग्राफी करवाई गई, लेकिन कोई स्पष्ट कारण सामने नहीं आया। शरीर पर कोई चोट के निशान भी नहीं थे। परिजनों ने पोस्टमार्टम करवाया, ताकि मौत का कारण पता चल सके। फिलहाल, परिवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। डॉक्टरों ने कार्डियो अटैक की आशंका जताई है।
मुन्नीराम का पार्थिव शरीर शुक्रवार शाम को गांव पहुंचा, जहां उसका अंतिम संस्कार किया गया। मुन्नीराम की असामयिक मृत्यु ने उसकी विधवा मां और बड़े भाई को गहरा आघात पहुंचाया है, जो उसकी नौकरी लगने का इंतजार कर रहे थे। पूरे गांव में शोक की लहर है और हर कोई इस होनहार युवक को नम आंखों से विदाई दे रहा है।