पंचांग, जो भारतीय ज्योतिष का एक अभिन्न अंग है, न केवल तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण जैसे महत्वपूर्ण घटकों की जानकारी देता है, बल्कि यह भी बताता है कि कैसे इन तत्वों का हमारे जीवन पर प्रभाव पड़ता है। माना जाता है कि तिथि का श्रवण माँ लक्ष्मी की कृपा लाता है, वार आयु में वृद्धि करता है, नक्षत्र पापों का नाश करता है, और योग प्रियजनों के साथ वियोग से बचाता है।
आज अमावस्या है, जो श्रावण मास के कृष्ण पक्ष में पड़ रही है। आकाश में मघा नक्षत्र का वास है, और परिघ योग दोपहर तक रहेगा। सूर्योदय सुबह 6:07 बजे हुआ, और सूर्यास्त शाम 7:05 बजे होगा। ऋतु शरद है, जो प्रकृति में बदलाव का संकेत दे रही है।
पंचांग में शुभ और अशुभ समयों का भी विवरण दिया गया है। अभिजीत मुहूर्त को शुभ माना जाता है, जबकि राहु काल और यमगण्ड जैसे समयों को अशुभ माना जाता है। इन समयों को ध्यान में रखकर लोग अपने महत्वपूर्ण कार्यों की योजना बनाते हैं।
आज दिशा शूल पूर्व दिशा में है, इसलिए इस दिशा में यात्रा करने से बचने की सलाह दी जाती है। चन्द्रबल मिथुन, सिंह, तुला, वृश्चिक और कुम्भ राशि वालों के लिए अनुकूल है।
शनिवार के विशेष संदर्भ में, यह उल्लेख किया गया है कि पीपल के पेड़ की पूजा और हनुमान चालीसा का पाठ कुंडली की ग्रह बाधाओं को दूर करने और भय से मुक्ति दिलाने में सहायक होते हैं। पिप्पलाद ऋषि का स्मरण शनि की दशा से पीड़ित लोगों के लिए विशेष रूप से लाभकारी माना जाता है।
पिठोरी अमावस्या के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इस दिन के आध्यात्मिक आयाम को और गहरा कर दिया।