आयोजन समिति के प्रहलाद राय सारस्वा ने बताया कि कथा का वाचन विश्वविख्यात भागवत कथा वाचक पूज्य किरिट भाईजी के श्रीमुख से होगा। उनकी वाणी से प्रवाहित होने वाली भागवत कथा प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक श्रोताओं को भक्ति रस में डुबो देगी।
लेकिन, आध्यात्मिक रस यहीं तक सीमित नहीं रहेगा। कथा पंडाल में प्रतिदिन रात 8 बजे से 10 बजे तक नानी बाई रो मायरो कथा का भी आयोजन होगा। यह कथा, जो प्रेम, त्याग और समर्पण की अद्भुत गाथा है, दर्शकों को भाव विभोर कर देगी।
इस धार्मिक आयोजन की शुभ शुरुआत शुक्रवार को गांव के शिव परिवार मंदिर परिसर में बैनर विमोचन कार्यक्रम के साथ हुई। मंदिर परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में गांव के गणमान्य नागरिकों और श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया।
बैनर विमोचन के मौके पर भागीरथ सारस्वा, जगदीश सारस्वा, बाबूलाल सारस्वा, एडवोकेट रामेश्वरलाल सारस्वा, गोरधन सारस्वा, सत्यनारायण सारस्वा, लिखमाराम भादू, कानाराम भादू, भंवरलाल सुथार, सीताराम सुथार, हुकमाराम भादू, डॉ. जेपी भादू, मांगीलाल भादू, लिछमणराम भादू, नेतादास स्वामी, मुरलीदास स्वामी, श्रवण नाई, दिनेश बुच्चा, रामचन्द्र पूनियां, भोमाराम दुगरिया, पुजारी चक्रपाणि गोड़, रिखाराम लेघा, मनोज सोनी, नवरंग भादू, किशनाराम भादू, गोपाल सुथार, रामचन्द्र जाट (अक्कासर वाले), पुजारी काशीराम सारस्वा, पूर्व उपसरपंच महेश सारस्वत, धर्मेंद्र स्वामी सहित अनेक लोगों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी अधिक गरिमामय बना दिया।
देराजसर गांव, जो अब तक अपनी शांत और सरल जीवन शैली के लिए जाना जाता था, अब इस भव्य आयोजन के साथ आध्यात्मिक जागृति का केंद्र बनने की ओर अग्रसर है। यह आयोजन न केवल धार्मिक भावनाओं को जागृत करेगा, बल्कि सामुदायिक एकता और सद्भाव को भी बढ़ावा देगा, ऐसी उम्मीद है।