आज श्रीडूंगरगढ़ से मित्र मंडल पैदल यात्रा संघ ने एक भव्य जुलूस के साथ अपनी यात्रा शुरू की। सरकारी अस्पताल के पास स्थित बाबा रामदेव मंदिर में, संघ के व्यवस्थापक राजगुरू पंडित देवीलाल उपाध्याय के नेतृत्व में, विधि-विधान से बाबा की ज्योत आरती की गई। श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से जयकारे लगाए और यात्रियों को मंगलमय यात्रा की शुभकामनाएं दीं।
जुलूस में अघोरी नृत्य, शिव झांकी और विभिन्न देवी-देवताओं की मनमोहक झांकियां सजाई गई थीं। चार डीजे की धुन और रथ घोड़ों ने जुलूस को और भी आकर्षक बना दिया था।
सूत्रों के अनुसार, बुधवार को उदरासर गांव से सुखी संघ के पैदल यात्री भी बड़े धूमधाम से रूणिचा के लिए रवाना हुए। श्रद्धालुओं ने बाबा रामदेव मंदिर में मत्था टेका और जयकारों के साथ अपनी यात्रा शुरू की। यह संघ श्रीडूंगरगढ़ के सुखी संघ से मिला और कस्बे से आज सुबह सवा सात बजे गाजे-बाजे के साथ संयुक्त रूप से आगे बढ़ा। घुमचक्कर तक मार्ग में अनेक स्थानों पर लोगों ने यात्रियों का स्वागत किया, उन्हें शुभकामनाएं दीं और जयकारे लगाए।
इसी तरह, आज सुबह ही डोर टू डोर संघ के यात्री भी गाजे-बाजे के साथ रवाना हुए। श्रीरूणिचा पैदल यात्री संघ भी धूमधाम से अपनी मंजिल की ओर बढ़ा। संघ अध्यक्ष हरीप्रसाद मूंधड़ा का अनेक स्थानों पर सम्मान किया गया। “आपणो संघ ध्वजाधारी” भी गुरुवार को रवाना हुआ। इस संघ के जुलूस में रूणिचा के बाबा रामदेवजी मंदिर के गुरु प्रेमसिंह जी रथ पर सवार होकर शामिल हुए, जिनका श्रद्धालुओं ने अभिवादन किया।
लगभग सभी संघों में बाबा रामदेव की झांकी सजाई गई थी और लोग “जय बाबा री” के उद्घोष के साथ पदयात्रियों को शुभकामनाएं दे रहे थे।
गांव दुलचासर से रुणिचा जाने वाले पैदल यात्री संघ के पोस्टर का बुधवार को माहेश्वरी भवन में विमोचन किया गया। संघ अध्यक्ष संदीप कुमार मूंधड़ा और संघ संरक्षक मूलचंद मूंधड़ा ने पोस्टर का विमोचन करते हुए बताया कि संघ 22 अगस्त को सुबह 6 बजे बाबा रामदेवजी के मंदिर से ज्योत दर्शन कर ढोल-नगाड़ों के साथ रवाना होगा। अध्यक्ष ने यह भी जानकारी दी कि यह संघ की 30वीं फेरी है और आज शाम 6 बजे से रात 12 बजे तक संघ यात्रियों द्वारा भव्य जागरण का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बाबा रामदेव मित्र मंडल मगरा के कलाकार भजनों की प्रस्तुति देंगे।