श्रीडूंगरगढ़, 21 अगस्त 2025: मानसून की बेरुखी और भीषण उमस ने श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में जीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। खेतों में फसलें पानी की कमी से जूझ रही हैं, वहीं उमस भरी गर्मी ने आम जनजीवन को दूभर कर दिया है।
बुधवार को गर्मी और उमस की तीव्रता इतनी अधिक थी कि गांव ऊपनी के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में बच्चे गश खाकर गिर पड़े। अभिभावकों और शिक्षकों ने राज्य सरकार से स्कूल के समय में निर्बाध बिजली आपूर्ति की मांग की है।
अभिभावकों ने बताया कि पिछले पांच दिनों से स्कूल और पूरे गांव में रात को काटी गई बिजली दोपहर 12:30 बजे के बाद ही आ रही है। सुबह से कक्षाओं में बैठे बच्चे गर्मी से परेशान हो रहे हैं। बताया जाता है कि बुधवार को दो बच्चे गर्मी से बेहोश हो गए, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद श्रीडूंगरगढ़ ले जाया गया, जहां उन्हें डिहाइड्रेशन का इलाज दिया गया।
गुरुवार को भी प्रार्थना सभा के बाद दो छात्राएं अलग-अलग कक्षाओं में गश खाकर गिर गईं, जिन्हें विद्यालय के पास के अस्पताल में दिखाया गया।
स्कूल प्रबंधन ने एहतियात बरतते हुए बच्चों को बार-बार पानी पीने की सलाह दी है और कक्षा अध्यापकों से बच्चों को तुरंत पानी पीने के लिए छुट्टी देने को कहा है। शिक्षकों ने बिजली कटौती पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि गर्मी और उमस के कारण बच्चों का हाल बेहाल है और पिछले पांच दिनों से सुबह बिजली नहीं मिल रही है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से स्कूल के समय में बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।
बिजली कटौती के कारण ऊपनी सहित लगभग सभी गांवों में स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। श्रीडूंगरगढ़ शहर में भी बार-बार बिजली की आवाजाही से लोग परेशान हैं। ऐसे में, क्षेत्र के लोगों को भीषण गर्मी और बिजली की अनियमित आपूर्ति से जूझना पड़ रहा है।