संगठन के प्रदेश अध्यक्ष सीबी यादव के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में बीकानेर देहात से भी सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। बीकानेर देहात के जिलाध्यक्ष हरिराम बाना की अगुवाई में जिले भर से कार्यकर्ता जयपुर पहुंचे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रदेश भर से आए राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के कार्यकर्ता सबसे पहले प्रदेश कांग्रेस कार्यालय मुख्यालय पर एकत्रित हुए। यहां “स्वराज संवाद” का आयोजन किया गया, जिसमें पार्टी नेताओं ने कार्यकर्ताओं से संवाद किया। संवाद के दौरान कार्यकर्ताओं को चरखा कातते हुए देखा गया। बीकानेर जिले के जिलाध्यक्ष हरिराम बाना ने इस अवसर पर पंचायती राज में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के योगदान को याद किया और राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार हार के डर से चुनाव नहीं करवा रही है।
इस प्रदर्शन में क्षेत्र से संभाग प्रभारी विमल भाटी, जिला उपाध्यक्ष शिवराज गोदारा, भंवरलाल गोदारा, ओमप्रकाश जाखड़, बाबुलाल गोदारा, मनोज विश्नोई, रामनिवास विश्नोई, लतीफ खान, राजेन्द्र जांघू, राधेश्याम सिद्ध, देवनाथ सिद्ध, मुनीराम झोरड़, महेन्द्र कुकणा, गोपाल ज्याणी सहित जिले के सभी विधानसभा क्षेत्रों से कार्यकर्ता शामिल हुए।
सूत्रों के अनुसार, प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के बाहर स्वराज संवाद के बाद राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के कार्यकर्ताओं के स्वराज मार्च को पीसीसी अध्यक्ष गोविंदसिंह डोटासरा और विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने हरी झंडी दिखाई। रैली जैसे ही पीसीसी कार्यालय से राजभवन की ओर बढ़ी, पुलिस ने शहीद स्मारक पर बैरिकेडिंग कर उसे रोक दिया।
इससे आक्रोशित कार्यकर्ता सड़क पर बैठ गए और विरोध प्रदर्शन करने लगे। बाद में पुलिस ने बड़ी मुश्किल से कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया और बसों में भरकर सड़क से हटाया।
इस बीच, संगठन के एक प्रतिनिधिमंडल को राजभवन बुलाया गया। प्रदेश अध्यक्ष सीबी यादव के नेतृत्व में गए प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को पंचायती राज चुनाव, निकाय चुनाव जल्द से जल्द करवाने और अन्य मांगों का ज्ञापन सौंपा। इस दौरान, इन मांगों पर प्रदेश भर में चलाए गए हस्ताक्षर अभियान में एकत्र किए गए हजारों हस्ताक्षर भी राज्यपाल को भेजे गए।
यह घटनाक्रम राजस्थान की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ है। अब देखना यह है कि राज्य सरकार इस पर क्या प्रतिक्रिया देती है। यह प्रदर्शन निश्चित रूप से राज्य की राजनीतिक सरगर्मी को बढ़ा देगा और आने वाले समय में और भी राजनीतिक हलचल देखने को मिल सकती है।