श्रीडूंगरगढ़, 20 अगस्त, 2025। उद्यान विभाग की महत्वाकांक्षी योजना ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप’ में एक महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है, जो किसानों के लिए फायदेमंद साबित होगा। इस योजना के अंतर्गत सूक्ष्म सिंचाई को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिसके तहत फव्वारा सिंचाई संयंत्र (डीबीटी) की स्थापना पर अब डीलर्स के बिल भी मान्य होंगे। पहले, इस योजना में केवल निर्माता ही बिलिंग के लिए अधिकृत थे।
उद्यान विभाग के सहायक निदेशक मुकेश गहलोत के अनुसार, जयपुर स्थित आयुक्तालय ने इस संशोधन को जारी किया है। उनका कहना है कि इस बदलाव से जिले के किसानों को सीधा लाभ मिलेगा और योजना के लक्ष्यों को प्राप्त करने में भी तेजी आएगी।
गौरतलब है कि यह योजना जिले में जल संकट को कम करने और सिंचाई दक्षता को बढ़ाने के उद्देश्य से चलाई जा रही है। इस योजना के तहत स्वीकृत 2121.66 लाख रुपए की कार्ययोजना के अंतर्गत 8739 हेक्टेयर क्षेत्र में सूक्ष्म सिंचाई संयंत्र स्थापित किए जाएंगे। इस योजना में सब्जियों की खेती के लिए 245 हेक्टेयर में ड्रिप, बगीचों के लिए 76 हेक्टेयर में ड्रिप, 635 हेक्टेयर में मिनी स्प्रिंकलर और 7783 हेक्टेयर में फव्वारा सिंचाई स्थापना का लक्ष्य रखा गया है।
योजना के नियमों के अनुसार, लघु और सीमांत कृषक, अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और महिला कृषकों को इकाई लागत का 75 प्रतिशत तक अनुदान मिलेगा, जबकि अन्य सामान्य किसानों को 70 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा। प्रति लाभार्थी न्यूनतम 0.2 हेक्टेयर से लेकर अधिकतम 5 हेक्टेयर तक अनुदान प्राप्त कर सकते हैं।
इस योजना से जुड़ी विस्तृत जानकारी प्राप्त करने के लिए किसान ‘राज किसान सुविधा’ ऐप डाउनलोड कर सकते हैं। इसके अलावा, वे नजदीकी कृषि पर्यवेक्षक और सहायक कृषि अधिकारी (उद्यान) से भी संपर्क कर सकते हैं। इस बदलाव से उम्मीद है कि ज्यादा से ज्यादा किसान सूक्ष्म सिंचाई तकनीकों को अपनाएंगे और जल संरक्षण में अपना योगदान देंगे।