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युवा संगीत शिक्षक ने बनाया बाबा का भजन, श्रीडूंगरगढ़ का किया उल्लेख, हो रहा है वायरल

अगस्त, 2025। भाद्रपद मास में बाबा रामदेवजी के भक्तों का उत्साह चरम पर है। हर तरफ पदयात्रियों के जत्थे दिखाई दे रहे हैं, जो श्रद्धा और भक्ति के रंग में रंगे रूणीचा की ओर बढ़ रहे हैं। इस भक्तिमय वातावरण में श्रीडूंगरगढ़ के युवा और वर्तमान में जोधपुर वायुसेना स्कूल में संगीत शिक्षक के रूप में कार्यरत पुरुषोत्तम सारस्वत ‘काका’ ने एक नया भजन रचा है – “रूणीचे रा श्याम म्हारे कालजे री कोर”।

यह भजन न केवल पुरुषोत्तम सारस्वत की प्रतिभा का परिचायक है, बल्कि उनकी बाबा रामदेवजी के प्रति गहरी आस्था का भी प्रतीक है। इस भजन की विशेष बात यह है कि इसके बोल, संगीत और गायन, तीनों ही सारस्वत ने स्वयं किए हैं।

“रूणीचे रा श्याम म्हारे कालजे री कोर” को प्रसिद्ध राजस्थानी यूट्यूब चैनल आरडीसी राजस्थानी पर लॉन्च किया गया है, जिसके 85.9 लाख से अधिक सब्सक्राइबर हैं। भजन के वीडियो का निर्माण पीआरजी म्यूजिकल टीम ने किया है, जिसने इसे और भी आकर्षक बना दिया है।

श्रीडूंगरगढ़ ONE से बात करते हुए पुरुषोत्तम सारस्वत ने बताया कि इस भजन में अपनी जन्मभूमि का नाम शामिल कर पाना उनके लिए गर्व की बात है। यह उनके लिए अपनी मिट्टी के प्रति सम्मान और प्रेम को व्यक्त करने का एक माध्यम है।

पुरुषोत्तम सारस्वत न केवल एक प्रतिभाशाली संगीत शिक्षक हैं, बल्कि एक सक्रिय रक्तदाता भी हैं। उन्होंने कई बार एसडीपी, प्लेटलेट और रक्त दान किया है, और वे क्षेत्र की सामाजिक संस्थाओं में भी सक्रिय रूप से भाग लेते हैं। उनका यह सेवाभाव उन्हें समाज के प्रति समर्पित बनाता है।

“रूणीचे रा श्याम म्हारे कालजे री कोर” भजन बाबा रामदेवजी के भक्तों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। यह भजन न केवल भक्ति और आस्था का संदेश देता है, बल्कि पुरुषोत्तम सारस्वत जैसे समर्पित कलाकारों को भी प्रेरित करता है, जो अपनी कला के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास कर रहे हैं। यह भजन श्रीडूंगरगढ़ के लिए भी एक गौरव का विषय है, जिसने एक ऐसे कलाकार को जन्म दिया है जो अपनी प्रतिभा से अपनी जन्मभूमि का नाम रोशन कर रहा है।

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