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1 अप्रैल 2026 का पंचांग, साथ जाने और भी कई खास बातें आचार्य श्रीडूंगरगढ़ ONE के साथ।

श्रीडूंगरगढ़ श्रीडूंगरगढ़ ONE 1 अप्रैल 2026। पढें आज का पंचांग ओर जाने दिन भर का शुभ-अशुभ समय।

श्री गणेशाय नम:

शास्त्रों के अनुसार तिथि के पठन और श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा मिलती है ।
वार के पठन और श्रवण से आयु में वृद्धि होती है।
नक्षत्र के पठन और श्रवण से पापो का नाश होता है।
योग के पठन और श्रवण से प्रियजनों का प्रेम मिलता है। उनसे वियोग नहीं होता है ।
*करण के पठन श्रवण से सभी तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है ।
इसलिए हर मनुष्य को जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए नित्य पंचांग को देखना, पढ़ना चाहिए ।

आज का पंचांग

01 – Apr – 2026
Sri Dungargarh, India

पंचांग
तिथि चतुर्दशी 07:08 AM
नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी 04:18 PM
करण :
वणिज 07:08 AM
विष्टि 07:08 AM
पक्ष शुक्ल
योग वृद्धि 02:49 PM
वार बुधवार

सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ
सूर्योदय 06:25 AM
चन्द्रोदय 06:18 PM
चन्द्र राशि कन्या
चन्द्र वास दक्षिण
सूर्यास्त 06:51 PM
चन्द्रास्त +06:14 AM
ऋतु वसंत

हिन्दू मास एवं वर्ष
शक सम्वत 1948 पराभव
कलि सम्वत 5127
दिन काल 12:26 PM
विक्रम सम्वत 2083
मास अमांत चैत्र
मास पूर्णिमांत चैत्र

शुभ और अशुभ समय
शुभ समय
अभिजित कोई नहीं
अशुभ समय
दुष्टमुहूर्त 12:13 PM – 01:03 PM
कंटक 05:11 PM – 06:01 PM
यमघण्ट 08:54 AM – 09:44 AM
राहु काल 12:38 PM – 02:11 PM
कुलिक 12:13 PM – 01:03 PM
कालवेला या अर्द्धयाम 07:14 AM – 08:04 AM
यमगण्ड 07:58 AM – 09:31 AM
गुलिक काल 11:04 AM – 12:38 PM
दिशा शूल
दिशा शूल उत्तर

चन्द्रबल और ताराबल
ताराबल
भरणी, कृत्तिका, रोहिणी, मृगशिरा, पुनर्वसु, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, पूर्वाभाद्रपद, रेवती
चन्द्रबल
मेष, कर्क, कन्या, वृश्चिक, धनु, मीन

चोघडिया

लाभ 06:25:00 – 07:58:18
अमृत 07:58:18 – 09:31:36
काल 09:31:36 – 11:04:55
शुभ 11:04:55 – 12:38:14
रोग 12:38:14 – 14:11:32
उद्वेग 14:11:32 – 15:44:51
चल 15:44:51 – 17:18:09
लाभ 17:18:09 – 18:51:27
उद्वेग 18:51:27 – 20:18:00
शुभ 20:18:00 – 21:44:33
अमृत 21:44:33 – 23:11:06
चल 23:11:06 – 24:37:39
रोग 24:37:39 – 26:04:12
काल 26:04:12 – 27:30:45
लाभ 27:30:45 – 28:57:18
उद्वेग 28:57:18 – 30:23:51

लग्न तालिका

मीन द्विस्वाभाव
शुरू: 05:39 AM समाप्त: 07:04 AM

मेष चर
शुरू: 07:04 AM समाप्त: 08:40 AM

वृषभ स्थिर
शुरू: 08:40 AM समाप्त: 10:37 AM

मिथुन द्विस्वाभाव
शुरू: 10:37 AM समाप्त: 12:51 PM

कर्क चर
शुरू: 12:51 PM समाप्त: 03:12 PM

सिंह स्थिर
शुरू: 03:12 PM समाप्त: 05:29 PM

कन्या द्विस्वाभाव
शुरू: 05:29 PM समाप्त: 07:45 PM

तुला चर
शुरू: 07:45 PM समाप्त: 10:04 PM

वृश्चिक स्थिर
शुरू: 10:04 PM समाप्त: अगले दिन 00:23 AM

धनु द्विस्वाभाव
शुरू: अगले दिन 00:23 AM समाप्त: अगले दिन 02:27 AM

मकर चर
शुरू: अगले दिन 02:27 AM समाप्त: अगले दिन 04:10 AM

कुम्भ स्थिर
शुरू: अगले दिन 04:10 AM समाप्त: अगले दिन 05:39 AM

गणेश गायत्री मंत्र :
ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुंडाय धीमहि तन्नो बुदि्ध प्रचोदयात ।।

।। आज का दिन मंगलमय हो ।।

* दिन (वार) – बुधवार के दिन तेल का मर्दन करने से अर्थात तेल लगाने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती है धन लाभ मिलता है।
बुधवार का दिन विघ्नहर्ता गणेश का दिन हैं। बुधवार के दिन गणेश जी के परिवार के सदस्यों का नाम लेने से जीवन में शुभता आती है

पूर्णिमा व्रत
पण्डित श्रीडूंगरगढ़ ONE

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