डूंगरगढ़ one 21 मार्च, 2026 श्रीडूंगरगढ़। ग्रामीण अंचल में गणगौर उत्सव पूरे उल्लास और परंपरागत रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया। कन्याओं द्वारा होलिका दहन के बाद से ही विधिवत पूजन के बाद आज शनिवार को गणगौर माता को भावभीनी विदाई दी गई। इस दौरान गांवों में धार्मिक आयोजनों के साथ उत्सव जैसा माहौल बना रहा।
महिलाओं और कन्याओं ने सोलह श्रृंगार कर गणगौर माता का पूजन किया और अच्छे वर व परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। घर-घर में ढोकले बनाकर प्रसाद अर्पित किया गया, वहीं कई स्थानों पर गणगौर के अजूणे भी आयोजित किए गए।
शाम को सातलेरा व बिग्गा गांव में ठाकुरजी मंदिर से गाजे-बाजे के साथ गणगौर की भव्य सवारी निकाली गई। सवारी के आगे महिलाओं, कन्याओं और पुरुषों ने नृत्य कर उत्सव में रंग भर दिया। सवारी गांव के वीर बिग्गाजी स्टेडियम स्थित परंपरागत कुएं तक पहुंची, जहां ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से ढोकले का भोग लगाया।
पंडित सत्यनारायण तावनियां के सान्निध्य में गणगौर-ईशर के फेरे की परम्परा का निर्वहन किया गया और सभी ने क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। इसके बाद गणगौर को अजूणे वाले घरों में ले जाया गया, जहां महिलाओं व ग्रामीणों ने गीत-नृत्य के साथ विदाई दी और अगले वर्ष शीघ्र आगमन की कामना की। इस दौरान मगरिया (मेला) में भी बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ उमड़ी।
फ़ोटो क्रेडिट: गौरीशंकर तावनियाँ, सातलेरा व बनवारीलाल, बिग्गा