पुलिस थाने का भ्रमण कर NSS स्वयंसेवकों ने समझी कानून प्रक्रिया, मोक्षधाम में किया श्रमदान
श्रीडूंगरगढ़ ONE 21 मार्च 2026। कस्बे के पीएमश्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, ताल मैदान के राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) स्वयंसेवकों ने विशेष शिविर के अंतिम दिन शुक्रवार को पुलिस थाना श्रीडूंगरगढ़ का शैक्षणिक भ्रमण कर कानून व्यवस्था की बारीकियों को समझा। कार्यक्रम अधिकारी मदन कड़वासरा के नेतृत्व में आयोजित इस भ्रमण में विद्यार्थियों ने थाने की कार्यप्रणाली को नजदीक से जाना। थाने में सहायक उप निरीक्षक भगवानराम ने स्वयंसेवकों को साइबर अपराध, उससे बचाव के उपाय तथा आमजन की भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों से समाज को अपराध मुक्त बनाने में पुलिस का सहयोग करने का आह्वान किया। वहीं मुख्य आरक्षी धर्मेंद्र कुमार ने विद्यार्थियों को थाने के रिकॉर्ड रूम व मालखाने की कार्यप्रणाली समझाते हुए दस्तावेज संधारण की प्रक्रिया से अवगत कराया। भ्रमण के बाद स्वयंसेवकों ने अपने गोद लिए हुए क्षेत्र कालू बास बस्ती के मोक्षधाम में श्रमदान कर स्वच्छता का संदेश दिया। शिविर के अंतिम सत्र में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने प्रस्तुतियां देकर समापन समारोह को उत्साहपूर्ण बनाया। इस अवसर पर विद्यालय स्टाफ व स्वयंसेवक उपस्थित रहे।
नोसरिया बालाजी धाम में चैत्र नवरात्रा पर नौ दिवसीय गायत्री महायज्ञ शुरू, क्षेत्र की खुशहाली की कामना
श्रीडूंगरगढ़ ONE 21 मार्च 2026। श्रीडूंगरगढ़ से करीब 35 किलोमीटर दूर बीदासर सड़क मार्ग पर स्थित प्राचीन नोसरिया बालाजी धाम में चैत्र नवरात्रा के पावन अवसर पर प्राणी मात्र की खुशहाली की कामना को लेकर नौ दिवसीय गायत्री महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। धार्मिक वातावरण में श्रद्धालु बड़ी संख्या में भाग लेकर यज्ञ में आहुतियां दे रहे हैं। मंदिर के पुजारी महेंद्रसिंह राठौड़ ने बताया कि विश्व शांति एवं क्षेत्र की समृद्धि के उद्देश्य से इस महायज्ञ के साथ अनेक धार्मिक अनुष्ठान भी विद्वान पंडितों द्वारा संपन्न करवाए जा रहे हैं। यज्ञाचार्य शास्त्री मनोज दाधीच ने यज्ञ का महत्व बताते हुए कहा कि वैदिक विधान से हवन, पूजन और मंत्रोच्चारण के साथ लोकहित की भावना से की गई पूजा को ही यज्ञ कहा जाता है, जो मानव जीवन में खुशहाली लाने में सहायक है। उन्होंने बताया कि यज्ञ वैदिक एवं वैज्ञानिक दोनों दृष्टिकोण से लाभकारी है और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने आगे कहा कि यज्ञ से मानव की शारीरिक, मानसिक एवं आत्मिक शांति के साथ आत्मशुद्धि, आत्मबल में वृद्धि और स्वास्थ्य की रक्षा होती है। हवन में दी जाने वाली आहुतियों में प्रयुक्त घी एवं औषधियां वातावरण को शुद्ध करने में सहायक होती हैं। इस दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।