ध्वजारोहण के साथ शुरू होगा चेटीचंड महोत्सव, हर घर जलाएंगे दीपक।
श्रीडूंगरगढ़ ONE। सिंधी समाज के घरों में चेटीचंड पर्व को लेकर विशेष उल्लास का माहौल छाया है। घरों को रंग बिरंगी रोशनियों से सजाया गया है। समाज के लोग शुक्रवार को श्रीझूलेलाल मंदिर प्रांगण में धूमधाम से चेटीचंड पर्व मनाया जाएगा। समाज के युवा रवि रिझवानी ने बताया कि सिंधी समाज के इष्टदेव श्रीझूलेलालजी का जन्मोत्सव शुक्रवार को समाज द्वारा सामूहिक रूप से मनाया जाएगा। श्रीझूलेलाल मंदिर में शुक्रवार सुबह 7.45 बजे ध्वजारोहण के साथ ही महोत्सव प्रारंभ होगा। दरियाशाह मित्र मंडल द्वारा चाय नाश्ते का प्रबंध किया जाएगा। वहीं सुबह 10 बजे संत कंवरराम भवन में कन्या भोज का आयोजन होगा। शाम 5 बजे संत कंवरराम मंडली द्वारा बहराना साहेब का आयोजन होगा। शाम सवा छह बजे श्रीझूलेलालजी आरती व 7 बजे शोभायात्रा निकाली जाएगी। शुक्रवार रात 8.30 बजे से भंडारे का आयोजन होगा। शुक्रवार शाम को समाज के लोग अपने घरों में दीप जलाकर पूजा आरती के आयोजन संपन्न करेंगे।
विद्यार्थियों ने निकाली जागरूकता रैली, दिया जागरूकता का संदेश।
श्रीडूंगरगढ़ ONE। राजकीय महाविद्यालय श्रीडूंगरगढ़ में “नई किरण” नशा मुक्ति अभियान के तहत गुरुवार को विद्यार्थियों द्वारा जागरूकता रैली निकाली गई। रैली में छात्र-छात्राओं ने नशे से दूर रहने का संदेश देते हुए समाज को जागरूक करने का प्रयास किया। विद्यार्थियों ने विभिन्न नारों के जरिए नशा छोड़ने एवं स्वस्थ जीवन अपनाने का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान युवाओं में जागरूकता और जिम्मेदारी का भाव देखने को मिला। इस अवसर पर प्राचार्य महावीर नाथ ने विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों की जानकारी देते हुए जीवन में सकारात्मक दिशा अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि युवा वर्ग अगर संकल्प ले तो समाज से नशे जैसी बुराई को समाप्त किया जा सकता है। कार्यक्रम में महाविद्यालय स्टाफ एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहें।
राजस्थान दिवस सप्ताह में महाविद्यालय में विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन।
श्रीडूंगरगढ़ ONE। राजकीय महाविद्यालय श्रीडूंगरगढ़ में राजस्थान दिवस सप्ताह के तहत 15 से 19 मार्च तक विविध प्रतियोगिताओं का सफल आयोजन किया गया। प्राचार्य महावीरनाथ ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान भाषण, निबंध, चित्रकला एवं प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएं आयोजित हुईं। जिनमें श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान दिया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्राचार्य महावीर नाथ ने विद्यार्थियों को राजस्थान के गौरवशाली इतिहास, समृद्ध संस्कृति एवं परंपराओं की जानकारी दी और उनसे प्रेरणा लेने का आह्वान किया। वहीं कार्यक्रम प्रभारी राजश्री स्वामी ने विद्यार्थियों को विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। महाविद्यालय के समस्त स्टाफ के सहयोग से कार्यक्रम का सफलतापूर्वक संचालन किया गया।