श्रीडूंगरगढ़ ONE 9 मार्च 2026। 16वीं विधानसभा के पंचम सत्र की बैठक में सोमवार को राजस्थान पंचायती राज (संशोधन) विधयेक 2026 पारित हो गया है। संशोधन के तहत अब दो से अधिक संतान वाले पंचायती राज के चुनाव लड़ सकेंगे। विपक्ष ने विधेयक को जनमत के लिए रखे जाने व पंचायती चुनाव करवाने की घोषणा करने, पंचायतों को बजट देने की मांगे एकस्वर में उठाई। बिल के पक्ष व विपक्ष में चर्चा हुई जिसमें तिखी नोकझोंक देखने को मिली।
पक्ष में सिविल लाईन्स के गोपाल शर्मा, मारवाड़ जंक्शन विधायक केसाराम चौधरी, आहोर छगनसिंह राजपुरोहित, निम्बाहेड़ा विधायक श्रीचंद कृपलानी, दिप्ति किरण माहेश्वरी, शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने संशोधन विधेयक का समर्थन किया। सत्तापक्ष के नेताओं ने देश के विकास के लिए इसे जरूरी बताते हुए देश की फर्टीलिटी रेट कम होने के तर्क दिए।
कांग्रेसी नेताओं ने एक स्वर में विधेयक का विरोध करते हुए जनमत जानने के लिए इसे प्रचारित करने की मांग रखी। भाजपा के भैरोसिंह शेखावत द्वारा बनाए जाने, 30 साल बाद भाजपा सरकार द्वारा ही इसे हटाकर उनका सम्मान कम करने, पंचायती राज चुनाव करवाने, पंचायतों को बजट नहीं देने, चुनाव जीतने के लिए परिसीमन में धांधलियां करने, नियमों की धज्जियां उड़ाने के आरोप लगाए। टीकाराम जूली ने और गोविंद सिंह डोटासरा ने इसे राजनीतिक फायदे के लिए लाया गया संशोधन बताया। डोटासरा ने कहा कि जब भाजपा ने ये कानून बनाया तब जो योग्य लोग वंचित हुए वे आज अपने आपको छला हुआ महसूस कर रहें है। डोटासरा ने कहा कि 2047 तक विकसित भारत बनाने का सपना जनसंख्या बढ़ाने से पूरा होगा। डोटासरा ने कहा कि चुनाव नहीं करवाने, परिसीमन के नियमों की धज्जियां उड़ाने के आरोप लगाते हुए दो शेर सुनाए। डोटासरा ने “कल जिसे जूर्म कहा, आज उसे हक कहते हो, तुम सियासत में माहिर हो, हर बात बदल देते हो” और “वो जो कल तक हमें नसीहतें देते थे उसूलों की, आज खुद अपने ही बनाए कानून बदल बैठे है।“
वहीं तारानगर विधायक नरेंद्र बुडानियां, सूरतगढ़ डूंगरराम गेदर, टोडाभीम विधायक घनश्याम, बूंदी विधायक हरिमोहन शर्मा, आदर्श नगर रफीक खान, सुजानगढ़ विधायक मनोज मेघवाल, मंडावा विधायक रीटा चौधरी, थावरचंद, मुंडावर के ललित यादव ने जनमत के लिए रखें जाने की बात कही। विपक्ष के सभी ने विधायकों ने बढ़ती जनसंख्या की समस्या पर चिंता जताते हुए संशोधन का विरोध किया। बायतू विधायक हरीश चौधरी ने कहा कि वे विरोध नहीं करते परंतु इसे जनमत के लिए रखने की मांग करते है। चौधरी ने कहा कि बिल में उतावलापन क्यों है? डीडवाना विधायक यूनुस खान ने संशोधन का विरोध नहीं किया परंतु इस पर जनमत करवाने व चर्चा करने और जनसंख्या नियंत्रण कानून लाए जाने की मांग की। शिव विधायक विधायक रविंद्रसिंह भाटी ने लोकसभा व विधानसभा के चुनाव भी वही लड़े जो स्नातक पास हो, संशोधन पर बिल सवर्ण ईडब्ल्यूएस को पंचायती राज में जगह दी जाए। वहीं सादुलपुर विधायक मनोज कुमार नगरपालिका व पंचायतों में ईडब्लयूएस को आरक्षण दिए जाने की मांग की।