आज, श्रीडूंगरगढ़ में, पंचांग के अनुसार, यह दिन अनेक शुभ अवसरों और गणनाओं से भरा है। शास्त्रों में तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण के महत्व का वर्णन मिलता है, और माना जाता है कि इनके पठन और श्रवण से जीवन में सकारात्मक फल प्राप्त होते हैं।
आज तिथि पंचमी है, जो कि रात 01:56 तक रहेगी। नक्षत्र आर्द्रा रात 08:05 तक रहेगा। करण कौलव, तैतिल 03:07 PM तक है। पक्ष कृष्ण है, और योग सिद्ध 03:01 PM तक। आज वार रविवार है। सूर्योदय 06:50 AM पर हुआ और सूर्यास्त 05:44 PM पर होगा। चन्द्रोदय 09:21 PM पर होगा और चन्द्रास्त 11:01 PM पर। चन्द्र राशि मिथुन है और चन्द्र वास पश्चिम दिशा में है। ऋतु हेमंत है।
हिन्दू मास एवं वर्ष की बात करें, तो शक सम्वत 1947 विश्वावसु है, काली सम्वत 5126 है, और विक्रम सम्वत 2082 है। मास अमांत कार्तिक और मास पूर्णिमांत मार्गशीर्ष है। दिन काल 10:53:52 का है।
पंचांग में शुभ और अशुभ समयों का भी विवरण दिया गया है। अभिजीत मुहूर्त 11:55 AM से 12:39 PM तक रहेगा। वहीं, दुष्टमुहूर्त 04:17 PM से 05:00 PM तक और राहु काल 04:22 PM से 05:44 PM तक रहेगा। दिशा शूल पश्चिम दिशा में है।
ताराबल की बात करें तो अश्विनी, कृत्तिका, मृगशिरा, आर्द्रा, पुनर्वसु, पुष्य, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, स्वाति, विशाखा, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद नक्षत्र शुभ हैं। चन्द्रबल मेष, मिथुन, सिंह, कन्या, धनु, मकर राशि वालों के लिए शुभ है।
आज के दिन, रविवार होने के कारण, सूर्य पूजा का विशेष महत्व है। माना जाता है कि इस दिन सूर्य देव की आराधना करने से घर-परिवार और समाज में मान-सम्मान की प्राप्ति होती है। पंडित जी के अनुसार, उगते हुए सूर्य को तांबे के लोटे में जल, चावल, लाल फूल और रोली डालकर अर्ध्य देना चाहिए। साथ ही, आदित्य ह्रदय स्तोत्र का पाठ करना और यथासंभव मीठा भोजन करना भी शुभ माना गया है।
इसके अतिरिक्त, रविवार के दिन भैरव जी के दर्शन और आराधना का भी विशेष महत्व है। ऐसा माना जाता है कि इससे समस्त भय और संकट दूर होते हैं, और साहस एवं बल की प्राप्ति होती है। भैरव जी के मंत्रों का जाप करने से रोग, अकाल मृत्यु से बचाव होता है, और मनोवांछित लाभ मिलता है।
पण्डित श्रीडूंगरगढ़ ONE की ओर से सभी के लिए आज का दिन मंगलमय हो, ऐसी कामना की गई है।