जिला कलेक्टर नम्रता वृष्णि ने कलेक्ट्रेट सभागार में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक की, जिसमें उन्होंने उत्सव की तैयारियों को समयबद्ध और सुचारू रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए। कलेक्टर वृष्णि ने कहा कि ऊंट उत्सव बीकानेर की पहचान है, और इसमें किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए।
उत्सव का आगाज पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ होगा। पर्यटन विभाग के संयुक्त निदेशक अनिल राठौड़ के अनुसार, 2 जनवरी को लक्ष्मीनाथ मंदिर से सुबह 8.30 बजे पीले चावल बांटकर शहरवासियों को उत्सव में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। इस दौरान ऊंट और रोबिलों की सजीव झांकियां शहर में आकर्षण का केंद्र होंगी।
9 जनवरी को उत्सव की शुरुआत “हमारी विरासत – हेरिटेज वॉक” से होगी। यह वॉक सुबह 8 से 10 बजे तक लक्ष्मीनाथ मंदिर से रामपुरिया हवेली तक जाएगी, जो शहर के ऐतिहासिक स्थलों जैसे बड़ा बाजार और मोहता चौक से होकर गुजरेगी।
राजस्थान के रंग – बीकाणा के संग कार्यक्रम के तहत राज्य अभिलेखागार में सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक एक कला प्रदर्शनी लगाई जाएगी। इसमें पिछवई, उस्ता कला, मथेरण कला जैसी लुप्त होती कला शैलियों का प्रदर्शन होगा। शाम 6 बजे से रवीन्द्र रंगमंच ओपन एयर थिएटर में “बीकाणा की आवाज” कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें स्थानीय प्रतिभाओं को मंच मिलेगा।
10 जनवरी को राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केंद्र में “ऊंटां रो मेलो” लगेगा। सुबह 9 बजे से दोपहर 2.30 बजे तक चलने वाले इस मेले में ऊंट नृत्य, फर कटिंग, साज-सज्जा, ऊंट दौड़ और घुड़दौड़ जैसी प्रतियोगिताएं होंगी। इस बार धरणीधर स्टेडियम में दोपहर 3 बजे से शाम 7 बजे तक “बीकाणा की शान” कार्यक्रम का आयोजन पहली बार किया जा रहा है, जिसमें मिस्टर बीकाणा, मिस मरवण शो और ढोला-मारू शो का भव्य मंचन होगा। शाम 7 बजे से डॉ. करणी सिंह स्टेडियम में “स्वरम” कार्यक्रम के तहत सांस्कृतिक संध्या का आयोजन होगा। राज्य अभिलेखागार ऊंट के इतिहास पर पहली बार एक विशेष प्रदर्शनी भी लगाएगा।
उत्सव के अंतिम दिन, 11 जनवरी को रायसर के धोरों में “दम-खम” कार्यक्रम का आयोजन होगा, जिसमें रस्साकशी, कुश्ती, कबड्डी, महिला मटका दौड़ और विदेशी पर्यटकों द्वारा पगड़ी बांधने जैसी गतिविधियां होंगी। दोपहर 1.30 बजे से 6.30 बजे तक “उड़ान” कार्यक्रम में सेंड आर्ट, हैंडीक्राफ्ट बाजार, फूड कोर्ट, विदेशी जोड़े की भारतीय रीति से शादी, कैमल व ऊंटगाड़ी सफारी और घुड़दौड़ का आयोजन किया जाएगा। शाम 6 बजे से रात 10 बजे तक “कला संगम” में सांस्कृतिक संध्या, अग्नि नृत्य और सेलिब्रिटी नाइट के साथ उत्सव का समापन होगा।
बैठक में निगम उपायुक्त यशपाल आहूजा, बीडीए उपायुक्त ऋषि पांडे, ट्रैफिक सीओ किसन सिंह के साथ पर्यटन, अभिलेखागार, म्यूजियम, पशुपालन और एनआरसीसी के अधिकारी उपस्थित रहे।
यह उत्सव बीकानेर की सांस्कृतिक धरोहर को प्रदर्शित करने और पर्यटन को बढ़ावा देने का एक अनूठा अवसर है।