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9 अक्टूबर का पंचांग के साथ जाने और भी कई खास बातें पंडित श्रीडूंगरगढ़ ONE के साथ।

श्रीडूंगरगढ़, 9 अक्टूबर 2025। ONE से प्राप्त जानकारी के अनुसार, आज का पंचांग इस प्रकार है, जो न केवल दिन की शुभता और अशुभता का लेखा-जोखा प्रस्तुत करता है, बल्कि जीवन में शुभ फलों की प्राप्ति के लिए नित्य पंचांग के महत्व को भी रेखांकित करता है।

पंचांग के अनुसार, आज तिथि तृतीया है, जो रात्रि 10:56 तक रहेगी। नक्षत्र भरणी है, जो सायं 08:03 तक रहेगा। करण वणिज और विष्टि हैं, और पक्ष कृष्ण है। योग वज्र है, जो रात्रि 09:32 तक रहेगा। आज वार गुरुवार है।

सूर्य और चन्द्र से संबंधित गणनाओं के अनुसार, सूर्योदय प्रात: 06:30 बजे हुआ और सूर्यास्त सायं 06:11 बजे होगा। चन्द्रोदय सायं 07:37 बजे होगा और चन्द्रास्त रात्रि 08:45 बजे होगा। चन्द्र राशि मेष है, जो रात्रि 01:24 तक रहेगी और चन्द्र वास पूर्व दिशा में है। ऋतु शरद है।

हिन्दू मास एवं वर्ष की बात करें तो, शक सम्वत 1947 विश्वावसु है, काली सम्वत 5126 है, और विक्रम सम्वत 2082 है। मास अमांत आश्विन है और मास पूर्णिमांत कार्तिक है। दिन काल 11:41:00 का है।

पंचांग में शुभ और अशुभ समय का भी विवरण दिया गया है। अभिजीत मुहूर्त दिन में 11:57 से 12:44 तक रहेगा। वहीं, दुष्टमुहूर्त, कंटक, यमघण्ट, राहु काल, कुलिक, कालवेला/अर्द्धयाम और यमगण्ड जैसे अशुभ समय भी बताए गए हैं।

दिशा शूल दक्षिण दिशा में है।

ताराबल और चन्द्रबल के अनुसार, अश्विनी, भरणी, कृत्तिका, रोहिणी, आर्द्रा, पुष्य, मघा आदि नक्षत्रों को ताराबल प्राप्त है, और मेष, मिथुन, कर्क, तुला, वृश्चिक, कुम्भ राशियों को चन्द्रबल प्राप्त है।

आज के चोघड़िया भी दिए गए हैं, जो दिन और रात के विभिन्न समयों के लिए शुभ और अशुभ मुहूर्त बताते हैं।

लग्न तालिका के अनुसार, विभिन्न लग्नों का समय भी दिया गया है।

पंचांग के अंत में, गुरुवार के दिन क्या करना चाहिए और क्या नहीं, इस बारे में भी जानकारी दी गई है। यह भी बताया गया है कि इस दिन विष्णु जी की उपासना करना और विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करना अत्यंत फलदाई होता है।

पण्डित श्रीडूंगरगढ़ ONE के अनुसार, यह जानकारी शुभ फलों की प्राप्ति के लिए महत्वपूर्ण है।

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