60 मुकदमों के हिस्ट्रीशीटर को मिली जमानत: MDMA मामले में कोर्ट ने दी राहत
डूंगरगढ़ one 6 अप्रैल, 2026 श्रीडूंगरगढ़। अपर सेशन न्यायालय ने 60 मुकदमों के हिस्ट्रीशीटर आरोपी को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। आरोपी भवानी नाथ उर्फ भानीड़ा उर्फ भानी नाथ पुत्र रामुनाथ को एडीजे सरिता नौशाद की अदालत ने मुचलके पर जमानत दी।
अभियुक्त के अधिवक्ता रणवीर सिंह खीची ने बताया कि आरोपी को 5 मार्च 2026 की शाम वाल्मीकि श्मशान भूमि के पास से 11.35 ग्राम एमडीएमए के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने दलील दी कि मामले में झूठी बरामदगी दर्शाई गई है। साथ ही यह भी कहा गया कि आरोपी 5 मार्च से पुलिस और न्यायिक अभिरक्षा में है, ऐसे में गवाहों को प्रभावित करने की संभावना नहीं है।
कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी को जमानत पर रिहा करने का आदेश जारी किया।
हत्या के आरोपियों की चौथी जमानत याचिका भी खारिज
गंभीर अपराध और शेष गवाहों के आधार पर कोर्ट का फैसला, 19 गवाह हो चुके पेश
डूंगरगढ़ one श्रीडूंगरगढ़। अपर सेशन न्यायालय ने हत्या के एक मामले में आरोपियों को राहत देने से इनकार करते हुए उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी। अपर लोक अभियोजक सोहन नाथ सिद्ध ने बताया कि दीपक पुत्र गुलशन निवासी दिल्ली और बृजेश पुत्र गणेश निवासी बूंदी की यह चौथी जमानत याचिका थी, जिसे न्यायालय ने अस्वीकार कर दिया।
प्रकरण के अनुसार वर्ष 2021 में बरजांगसर निवासी तिलोकनाथ ने सेरुणा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका पुत्र गौरीशंकर शादी में जाने की बात कहकर घर से निकला था, लेकिन बाद में पुलिस से सूचना मिली कि अज्ञात व्यक्तियों ने चाकू से गोदकर उसकी हत्या कर दी।
अनुसंधान के बाद पुलिस ने अभियुक्त दीपक और बृजेश के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया। सुनवाई के दौरान अपर लोक अभियोजक ने दलील दी कि मामला गंभीर प्रकृति का है तथा अभी अन्य गवाहों के बयान होना बाकी है, इसलिए जमानत नहीं दी जानी चाहिए।
मामले में अब तक 19 गवाहों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद एडीजे सरिता नौशाद ने आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी।