WhatsApp Menu
भाजपा प्रदेश महामंत्री व जिलाध्यक्ष पहुंचे श्रीडूंगरगढ़, 51 किलो की फुलमाला से किया अभिनदंन, संगठन में निष्ठा पूर्वक सेवा देने की प्रेरणा दी।  |  गणगौर उत्सव संपन्न, गीतों के साथ हुए फेरे, विजेता हुए पुरस्कृत, घरों में हुए पूजन।  |  श्रीडूंगरगढ़ अंचल से पढें खास आयोजनों की तीन खबरें:-  |  दो बच्चों सहित महिला को भगा ले जाने के आरोप में एक नामजद के खिलाफ मामला दर्ज, पढें पूरी खबर।  |  22 मार्च 2026 का पंचांग, साथ जाने और भी कई खास बातें आचार्य श्रीडूंगरगढ़ ONE के साथ।  | 

6 नवंबर 2025 के पंचांग के साथ पढें और भी खास जानकारी पंडित श्रीडूंगरगढ़ ONE के साथ।

श्रीडूंगरगढ़ में आज का दिन, गुरुवार, एक विशेष पंचांग लेकर आया है, जो जीवन के कई पहलुओं को छूता है।

आज, कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि है, जो दोपहर 2 बजकर 56 मिनट तक रहेगी। नक्षत्र कृत्तिका है, जो सुबह 3 बजकर 28 मिनट तक विद्यमान रहेगा।

पंचांग के अनुसार, तिथि के पठन और श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है, वार के पठन और श्रवण से आयु में वृद्धि होती है, नक्षत्र के पठन और श्रवण से पापों का नाश होता है, योग के पठन और श्रवण से प्रियजनों का प्रेम मिलता है और उनसे वियोग नहीं होता है, और करण के पठन श्रवण से सभी तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। इसलिए हर मनुष्य को जीवन में शुभ फलों की प्राप्ति के लिए नित्य पंचांग को देखना, पढ़ना चाहिए।

आज सूर्योदय सुबह 6 बजकर 48 मिनट पर हुआ और सूर्यास्त शाम 5 बजकर 46 मिनट पर होगा। ऋतु हेमंत है।

पंचांग में शुभ और अशुभ समयों का भी विवरण दिया गया है। अभिजीत मुहूर्त 11 बजकर 55 मिनट से दोपहर 12 बजकर 39 मिनट तक रहेगा। राहु काल दोपहर 1 बजकर 39 मिनट से 3 बजकर 01 मिनट तक रहेगा।

दिशा शूल दक्षिण दिशा में है।

पंचांग में चन्द्रबल और ताराबल की भी जानकारी दी गई है, जो विभिन्न नक्षत्रों और राशियों के लिए अलग-अलग हैं।

आज के दिन के लिए चोघड़िया भी दिए गए हैं, जो दिन और रात के विभिन्न समयों के लिए शुभ और अशुभ मुहूर्त बताते हैं।

पंचांग के अंत में लग्न तालिका दी गई है, जो विभिन्न लग्न के उदय और अस्त होने का समय बताती है।

पण्डित श्रीडूंगरगढ़ ONE के अनुसार, गुरुवार को ना तो सर धोना चाहिए, ना शरीर में साबुन लगा कर नहाना चाहिए और ना ही कपडे धोने चाहिए ऐसा करने से घर से लक्ष्मी रुष्ट होकर चली जाती है । गुरुवार को पीतल के बर्तन में चने की दाल, हल्दी, गुड़ डालकर केले के पेड़ पर चढ़ाकर दीपक अथवा धूप जलाएं। इससे बृहस्पति देव प्रसन्न होते है, दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है। गुरुवार को चने की दाल भिगोकर उसके एक हिस्से को आटे की लोई में हल्दी के साथ रखकर गाय को खिलाएं, दूसरे हिस्से में शहद डालकर उसका सेवन करें। यदि गुरुवार को स्त्रियां हल्दी वाला उबटन शरीर में लगाएं तो उनके दांपत्य जीवन में प्यार बढ़ता है और कुंवारी लड़कियां / लड़के यह करें तो उन्हें योग्य, मनचाहा जीवन साथी मिलता है। गुरुवार को विष्णु जी की उपासना अवश्य करनी चाहिए, गुरुवार को विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ अत्यन्त फलदाई है।

यह पंचांग श्रीडूंगरगढ़ और आसपास के लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण मार्गदर्शक है, जो उन्हें शुभ और अशुभ समयों के बारे में जानकारी देता है और उन्हें अपने दैनिक कार्यों को बेहतर ढंग से योजना बनाने में मदद करता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

home होम layers मोबाइल नंबर mic ऑडियोज़ smart_display शॉर्ट्स theaters शोज़