श्रीडूंगरगढ़, 3 अक्टूबर, 2025। श्रीडूंगरगढ़ के पास सूडसर गाँव में स्थित इच्छापूर्ति हनुमानजी मंदिर एक बार फिर भक्तों के अटूट विश्वास और श्रद्धा का केंद्र बनने जा रहा है। आगामी 6 और 7 अक्टूबर को शरद पूर्णिमा के अवसर पर यहाँ दो दिवसीय मेले का आयोजन किया जा रहा है, जिसके लिए गाँव में उत्साह का माहौल है। हर साल की तरह इस बार भी भक्तों में मेले को लेकर विशेष उत्सुकता देखी जा रही है।
मंदिर के वरिष्ठ पुजारी महेश कुमार स्वामी ने बताया कि मेले की शुरुआत 6 अक्टूबर को सुंदरकांड के पाठ के साथ होगी। यह पाठ हनुमानजी के प्रति भक्ति और समर्पण का प्रतीक होगा। अगले दिन, 7 अक्टूबर को मुख्य मेला भरेगा, जहाँ दूर-दूर से श्रद्धालु पहुँचेंगे। इस दौरान, पूरे दिन में चार से पाँच बार हनुमानजी का विशेष श्रृंगार किया जाएगा, जो दर्शनार्थियों के लिए आकर्षण का केंद्र रहेगा।
शाम ढलते ही भक्ति और संगीत का संगम होगा। बीकानेर के सुप्रसिद्ध भजन गायक मुन्ना सरकार और उनके साथी कलाकार शाम 7 बजे से भक्तिमय भजनों की प्रस्तुति देंगे। उनकी आवाज़ और संगीत माहौल में एक अद्भुत ऊर्जा का संचार करेंगे, जिससे हर कोई भक्ति के रंग में डूब जाएगा।
मेले का सबसे खास पल रात 12 बजे आएगा, जब महाआरती होगी। इसके बाद, चांदनी रात में 800 किलो खीर का भोग लगाया जाएगा। यह खीर भक्तों में प्रसाद के रूप में वितरित की जाएगी, जिसे पाने के लिए हर कोई उत्सुक रहेगा। मान्यता है कि शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा की किरणों में अमृत होता है, और इस खीर को ग्रहण करने से भक्तों को स्वास्थ्य और समृद्धि की प्राप्ति होती है।
पुजारी स्वामी ने बताया कि मेले की तैयारियां पूरे जोर-शोर से चल रही हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन, पुलिस और रेलवे विभाग को सूचित कर दिया गया है। सभी विभाग मिलकर यह सुनिश्चित करने में जुटे हैं कि मेले में आने वाले हर व्यक्ति को सुखद और सुरक्षित अनुभव हो।
सूडसर का यह मेला न सिर्फ एक धार्मिक आयोजन है, बल्कि यह संस्कृति और समुदाय का भी संगम है। यह एक ऐसा अवसर है जब लोग अपनी व्यस्त दिनचर्या से थोड़ा समय निकालकर एक साथ आते हैं, खुशियाँ मनाते हैं और अपनी आस्था को मजबूत करते हैं। यह मेला हर साल लोगों को एक नई उम्मीद और ऊर्जा से भर देता है।