यह कहानी 2011 में हुई एक चोरी के मामले से शुरू होती है। गुसाईंसर छोटा गांव का रहने वाला पूनमचंद पुत्र कुंभाराम जाट इस मामले में नामजद था और तब से ही फरार चल रहा था। पुलिस के मुताबिक, दो साल पहले न्यायालय ने पूनमचंद के खिलाफ स्थाई वारंट जारी किया था, लेकिन इसके बावजूद वह पुलिस की पकड़ में नहीं आ रहा था।
कांस्टेबल पुनीत कुमार ने बताया कि उन्हें मुखबिर से पूनमचंद के बारे में अहम जानकारी मिली थी। इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने घेराबंदी की और बुधवार को पूनमचंद को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल आरोपी हवालात में बंद है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
इस गिरफ्तारी से पुलिस को उम्मीद है कि पुराने लंबित मामलों को सुलझाने में मदद मिलेगी और अपराधियों के मन में कानून का भय बना रहेगा। यह कार्रवाई ज़ाहिर तौर पर दिखाती है कि पुलिस अपनी जिम्मेदारी को लेकर कितनी सजग है और अपराधियों को पकड़ने के लिए कितनी तत्परता से काम कर रही है। अब देखना यह है कि इस मामले में आगे क्या मोड़ आता है और न्याय की राह कितनी आसान होती है।