श्रीडूंगरगढ़, 24 नवंबर, 2025। एक अरसे से चली आ रही आस सोमवार को भी जीवंत रही। ट्रॉमा सेंटर निर्माण संघर्ष समिति का अनिश्चितकालीन धरना आज अपने 406वें दिन में प्रवेश कर गया। यह धरना श्रीडूंगरगढ़ में एक ट्रॉमा सेंटर की स्थापना के लिए लगातार जारी है, जो क्षेत्रवासियों के लिए जीवन और मृत्यु के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो सकता है।
संघर्ष समिति के सदस्य, अपने अथक प्रयासों से, सरकार और प्रशासन का ध्यान इस अत्यंत आवश्यक सुविधा की ओर आकर्षित करने में जुटे हैं। वे ट्रॉमा सेंटर के निर्माण की स्वीकृति और इसके जल्द से जल्द कार्यारंभ की मांग कर रहे हैं।
आज धरने पर बैठे लोगों में मदन लाल प्रजापत, रामकिशन गावड़िया, प्रकाश गांधी, मालाराम कुलड़िया, राजू गुसाईं, तोलाराम भुंवाल, आदुराम बाना, शेर सिंह राजपूत और शंकर लाल सूडसर जैसे कई चेहरे शामिल थे। इन सभी के मन में एक ही उम्मीद है – श्रीडूंगरगढ़ में एक ऐसा केंद्र बने जहां सड़क दुर्घटनाओं और अन्य आपातकालीन स्थितियों में घायल लोगों को तत्काल और उचित चिकित्सा सहायता मिल सके।
समिति के सदस्यों का कहना है कि श्रीडूंगरगढ़ और आसपास के इलाकों में सड़क हादसे लगातार बढ़ रहे हैं। आपातकालीन स्थिति में समय पर इलाज न मिल पाने के कारण कई लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। ट्रॉमा सेंटर की स्थापना अब केवल एक मांग नहीं, बल्कि समय की पुकार है।
संघर्ष समिति ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि जब तक उनकी मांग पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता और निर्माण कार्य शुरू नहीं हो जाता, उनका आंदोलन जारी रहेगा। सदस्यों ने बताया कि उन्होंने कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपे हैं, लेकिन हर बार उन्हें केवल आश्वासन ही मिला है।
धरने पर बैठे लोगों का कहना है कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति या समूह विशेष का नहीं है, बल्कि जनहित से जुड़ा हुआ है। यही कारण है कि उन्हें लोगों का लगातार समर्थन मिल रहा है।
समिति ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही ट्रॉमा सेंटर के निर्माण की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आंदोलन को और भी व्यापक रूप दिया जाएगा। उनका कहना है कि वे हर संभव प्रयास करेंगे ताकि इस क्षेत्र में एक ट्रॉमा सेंटर की स्थापना हो सके, जो अनगिनत लोगों के जीवन को बचाने में मददगार साबित होगा।