बैठक में कलेक्टर वृष्णि ने परिवहन विभाग के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। दरअसल, सड़क सुरक्षा विशेष अभियान के दौरान 4 से 8 नवंबर तक विभाग ने केवल 13 ओवरलोड और 3 बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों के चालान काटे थे। इस पर कलेक्टर ने आरटीओ अनिल पंड्या को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि इतने चालान तो कहीं भी खड़े होकर कुछ ही घंटों में काटे जा सकते हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर कार्यप्रणाली में सुधार नहीं हुआ तो विभाग के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने परिवहन विभाग को पुलिस के साथ मिलकर दिन-रात कार्रवाई करने और प्रतिदिन चालानों की रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं।
बैठक में यह भी चिंता जताई गई कि जयपुर रोड पर रायसर, सेरूणा, श्रीडूंगरगढ़ और नोखा-मुकाम रोड पर सबसे ज्यादा दुर्घटनाएं हो रही हैं। आईरैड डीआरएम महेश कुमार शर्मा ने बताया कि खाटू श्याम मंदिर और वैष्णो धाम के आगे बैरिकेडिंग और ड्रम लगाने से कुछ राहत अवश्य मिली है। शर्मा ने यह भी बताया कि आईरैड की मैन एंट्री में पुलिस, आरटीओ और पीडब्ल्यूडी से संबंधित कई मामले लंबित हैं, जिस पर कलेक्टर ने 10 दिनों के भीतर कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।
सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए कलेक्टर ने बीडीए और पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को जयपुर रोड पर डूंगर कॉलेज, केवी स्कूल, वैष्णो धाम, खाटू श्याम मंदिर जैसे धार्मिक स्थलों और शैक्षणिक संस्थानों से पहले स्पीड ब्रेकर बनाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, गांवों को जोड़ने वाली सड़कों पर भी स्पीड ब्रेकर बनाने को कहा गया है।
कलेक्टर ने पंडित धर्मकांटा, भुट्टो का चौराहा और राजस्थान पत्रिका कार्यालय के आगे वाली सड़क पर पुलिस की मदद से निर्माण कार्य जल्द शुरू करवाने के निर्देश दिए, ताकि यातायात को सुगम बनाया जा सके। इसके अतिरिक्त, गंगाशहर में नोखा रोड कट को बंद करने, पुलिस विभाग को इंटरसेप्टर बढ़ाने, सभी थानों में रिफ्लेक्टर टेप लगाने का अभियान चलाने, टोल नाकों पर आई-चेकअप शिविर लगाने और सड़क किनारे उगे कीकर के पेड़ों को हटाने के भी निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में खारा स्थित एचपीसीएल गोदाम के आगे खड़े ट्रकों के लिए पैड पार्किंग और खाटू श्याम मंदिर परिसर में पार्किंग शुरू करवाने के भी निर्देश दिए गए, ताकि सड़कों पर अनावश्यक जाम से बचा जा सके।
बैठक में नगर निगम आयुक्त मयंक मनीष, बीडीए आयुक्त डॉ. अपर्णा गुप्ता, एडीएम सिटी रमेश देव, एएसपी सौरभ तिवाड़ी, एनएचएआई पीडी पी.आर. यदुवंशी, आरटीओ अनिल पंड्या, डीटीओ भारती नथानी, पीडब्ल्यूडी एसई ओ.पी. मंडार, आरएसआरडीसी पीडी शिल्पा कच्छावा समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
कलेक्टर की इस सख्ती से उम्मीद है कि सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन और अधिक गंभीर होगा और दुर्घटनाओं को रोकने में मदद मिलेगी। अब देखना यह है कि परिवहन विभाग इस पर कितनी तत्परता दिखाता है और सड़कों को सुरक्षित बनाने के लिए क्या कदम उठाता है।