श्रीडूंगरगढ़, 14 अगस्त, 2025। 316 ग्राम सोना धोखाधड़ी से हड़पने के मामले में आरोपी मदनलाल सुनार को फिलहाल जेल में ही रहना होगा। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे) सरिता नौशाद की अदालत ने गुरुवार को उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत का यह फैसला मामले की पेचीदगियों और दोनों पक्षों की दलीलों पर गहन विचार के बाद आया है।
मदनलाल सुनार पर सोना हड़पने के कई मामले दर्ज हैं, जो इस मामले को और भी गंभीर बनाते हैं। गुरुवार को अदालत में एक विशेष मामले के संबंध में मुल्जिम द्वारा जमानत के लिए एक और प्रार्थना पत्र पेश किया गया था।
सुनवाई के दौरान, परिवादी पक्ष के वरिष्ठ अधिवक्ता मोहनलाल सोनी ने आरोपी की जमानत याचिका का पुरजोर विरोध किया। उन्होंने अदालत को मामले की गंभीरता और आरोपी के संभावित प्रभाव के बारे में अवगत कराया। लोक अभियोजक सोहन नाथ सिद्ध ने भी कोर्ट से जमानत नहीं देने की जोरदार अपील की। उन्होंने तर्क दिया कि आरोपी को जमानत पर रिहा करने से न्याय की प्रक्रिया बाधित हो सकती है।
अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें धैर्यपूर्वक सुनीं और मामले की गंभीरता का आकलन किया। सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद, अदालत ने आरोपी मदनलाल सुनार को राहत देने से इनकार कर दिया। इस फैसले के साथ, मदनलाल सुनार को अब कुछ और समय के लिए जेल में ही रहना होगा। यह मामला श्रीडूंगरगढ़ में चर्चा का विषय बना हुआ है, और सभी की निगाहें अब आगे की न्यायिक प्रक्रियाओं पर टिकी हैं।