श्रीडूंगरगढ़, 30 नवंबर 2025। जैसे हर सुबह एक नई उम्मीद लेकर आती है, वैसे ही आज का दिन भी अपने गर्भ में कई संभावनाओं को समेटे हुए है। श्रीडूंगरगढ़ ONE के सौजन्य से आज के पंचांग के अनुसार, यह दिन कई मायनों में विशेष है।
आज, विक्रम संवत 2082, शक सम्वत 1947 विश्वावसु, काली सम्वत 5126 है। मार्गशीर्ष मास की शुक्ल पक्ष दशमी तिथि है, जो रात 09:30 तक रहेगी। आसमान में उत्तराभाद्रपद नक्षत्र का वास होगा, जो रात 01:11 तक रहेगा।
पंचांग के अनुसार, तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण का श्रवण करना शुभ फलदायी होता है। मान्यता है कि इससे माँ लक्ष्मी की कृपा मिलती है, आयु में वृद्धि होती है, पापों का नाश होता है, प्रियजनों का प्रेम बना रहता है और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
आज सूर्योदय सुबह 07:06 बजे हुआ और सूर्यास्त शाम 05:37 बजे होगा। ऋतु हेमंत है, जो प्रकृति में एक शांत और स्थिर वातावरण का निर्माण करती है।
ज्योतिष के अनुसार, आज अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:01 से 12:43 तक रहेगा, जो किसी भी शुभ कार्य को करने के लिए उत्तम माना जाता है। वहीं, राहु काल शाम 04:18 से 05:37 तक रहेगा, जिसमें किसी भी नए कार्य की शुरुआत करने से बचने की सलाह दी जाती है।
पंचांग में दिशा शूल पश्चिम दिशा में बताया गया है।
आज रविवार है, जिसे सूर्य देव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन सूर्य देव की पूजा करने से घर-परिवार और समाज में मान-सम्मान की प्राप्ति होती है। ज्योतिषियों के अनुसार, तांबे के लोटे में जल, चावल, लाल फूल और रोली डालकर सूर्य देव को अर्ध्य देना चाहिए। आदित्य ह्रदय स्रोत्र का पाठ करना और यथासंभव मीठा भोजन करना भी शुभ माना जाता है।
इसके अतिरिक्त, रविवार को भैरव जी के दर्शन और आराधना का भी विशेष महत्व है। कहा जाता है कि इससे भय और संकट दूर होते हैं और साहस एवं बल की प्राप्ति होती है।
कुल मिलाकर, आज का दिन धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों के लिए विशेष रूप से अनुकूल है। पंचांग के अनुसार, शुभ और अशुभ समयों का ध्यान रखते हुए, व्यक्ति अपने कार्यों को योजनाबद्ध तरीके से कर सकता है।