WhatsApp Menu
श्रीडूंगरगढ़ में गूंजे बाल कवियों के स्वर: बाल कवि सम्मेलन में निकुंज सारस्वत प्रथम, देखें सभी फ़ोटो  |  श्रीडूंगरगढ़ में पेंशनर्स में रोष: काली पट्टी बांधकर निकाली रैली, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन  |  रिड़ी के महात्मा गांधी स्कूल का 10वीं रिजल्ट 100%, श्रीकृष्ण 86% के साथ प्रथम  |  लर्न एंड फन स्कूल का किया अवलोकन, स्कूल प्रबंधन ने किया अभिनंदन, बताई स्कूल की विशेषताएं  |  राजकीय विधि महाविद्यालय में धूमधाम से मनाया हिंदू नव संवत्सर 2083  | 

30 अक्टूबर के पंचांग के साथ पढें और भी खास जानकारी पंडित श्रीडूंगरगढ़ ONE के साथ।

आज, श्रीडूंगरगढ़ में पंचांग के अनुसार, तिथि अष्टमी है, जो प्रात: 10:07 बजे तक रहेगी। शास्त्रों में कहा गया है कि तिथि के पठन और श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है।

आज का नक्षत्र श्रवण है, जो सायं 06:34 बजे तक रहेगा। वार, गुरुवार है जिसके पठन और श्रवण से आयु में वृद्धि होती है। मान्यता है कि नक्षत्र के पठन और श्रवण से पापों का नाश होता है।

पंचांग में योग शूल और गण्ड बताए गए हैं, जो सायं 07:20 बजे तक रहेंगे। योग के पठन और श्रवण से प्रियजनों का प्रेम मिलता है, उनसे वियोग नहीं होता है। करण बव और बालव प्रात: 10:07 बजे तक हैं और माना जाता है कि करण के पठन श्रवण से सभी तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। इसलिए हर मनुष्य को जीवन में शुभ फलों की प्राप्ति के लिए नित्य पंचांग को देखना, पढ़ना चाहिए।

सूर्य का उदय प्रात: 06:43 बजे हुआ और सूर्यास्त सायं 05:51 बजे होगा। चंद्रोदय दोपहर 01:54 बजे होगा और चंद्रास्त रात्रि 00:55 बजे होगा। ऋतु हेमंत है और चन्द्र राशि मकर है, जिसका वास दक्षिण दिशा में है।

विक्रम सम्वत 2082 है और मास अमांत कार्तिक है। दिन काल 11:07:59 है।

आज अभिजीत मुहूर्त प्रात: 11:55 बजे से दोपहर 12:39 बजे तक है। राहु काल दोपहर 01:40 बजे से 03:04 बजे तक रहेगा। दिशा शूल दक्षिण दिशा में है।

आज गोपाष्टमी है, और पण्डित श्रीडूंगरगढ़ ONE ने सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ दी हैं।

साथ ही, गुरुवार के दिन कुछ विशेष बातों का ध्यान रखने की सलाह दी गई है। ऐसा कहा जाता है कि इस दिन सिर धोने, शरीर में साबुन लगाने या कपड़े धोने से घर से लक्ष्मी रूठ जाती हैं। इसके विपरीत, गुरुवार को पीतल के बर्तन में चने की दाल, हल्दी, गुड़ डालकर केले के पेड़ पर चढ़ाकर दीपक अथवा धूप जलाने से बृहस्पति देव प्रसन्न होते हैं और दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है। यह भी कहा गया है कि गुरुवार को विष्णु जी की उपासना और विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करना अत्यंत फलदाई होता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

home होम layers मोबाइल नंबर mic ऑडियोज़ smart_display शॉर्ट्स theaters शोज़