आज, विक्रम संवत 2082, कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि है। यह तिथि, जो आज तड़के 2 बजकर 7 मिनट पर लगी, माँ लक्ष्मी की कृपा बरसाने वाली मानी जाती है। शास्त्रों में कहा गया है कि तिथि का पाठ और श्रवण माँ लक्ष्मी को प्रसन्न करता है।
आज सोमवार है, और वार का पठन और श्रवण आयु में वृद्धि करने वाला माना गया है। उत्तराभाद्रपद नक्षत्र आज दोपहर 3 बजकर 6 मिनट तक रहेगा, जिसके बारे में कहा जाता है कि इसके पठन और श्रवण से पापों का नाश होता है।
हर्षण योग आज शाम 7 बजकर 39 मिनट तक है, और मान्यता है कि योग के पठन और श्रवण से प्रियजनों का प्रेम बना रहता है। कौलव और तैतिल करण आज दोपहर 3 बजकर 42 मिनट तक रहेंगे, और करण के पठन श्रवण से मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
पंचांग के अनुसार, शुभ फलों की प्राप्ति के लिए नित्य पंचांग देखना और पढ़ना चाहिए।
आज सूर्योदय सुबह 6 बजकर 46 मिनट पर हुआ और सूर्यास्त शाम 5 बजकर 48 मिनट पर होगा। चंद्रोदय दोपहर 4 बजकर 7 मिनट पर होगा और चंद्रास्त कल सुबह 5 बजकर 7 मिनट पर होगा। चंद्रमा मीन राशि में है और ऋतु हेमंत है।
आज अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 55 मिनट से दोपहर 12 बजकर 39 मिनट तक रहेगा। राहु काल सुबह 8 बजकर 9 मिनट से 9 बजकर 31 मिनट तक रहेगा। दिशा शूल पूर्व दिशा में है।
आज उत्तराभाद्रपद, रेवती, अश्विनी, कृत्तिका, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, अनुराधा, ज्येष्ठा, मूल, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा और पूर्वाभाद्रपद नक्षत्रों में ताराबल रहेगा। वृषभ, मिथुन, कन्या, तुला, मकर और मीन राशियों में चन्द्रबल रहेगा।
पंचांग में आज के शुभ और अशुभ समयों का विवरण दिया गया है, जिसका अनुसरण करके लोग अपने कार्यों को शुभ समय में कर सकते हैं।
पंडित जी का कहना है कि सोमवार के दिन भगवान शंकर की आराधना और अभिषेक करने से चंद्रमा मजबूत होता है और काल सर्प दोष का प्रभाव कम होता है। सोमवार का व्रत रखने से मनचाहा जीवन साथी मिलता है और वैवाहिक जीवन सुखमय होता है। जीवन में शुभ फलों की प्राप्ति के लिए हर सोमवार को शिवलिंग पर पंचामृत या मीठा कच्चा दूध एवं काले तिल चढ़ाने से भगवान महादेव की कृपा बनी रहती है।
पंडित जी शिव पुराण के अचूक मंत्र “श्री शिवाय नमस्तुभ्यम्” का अधिक से अधिक जाप करने की सलाह देते हैं, जिससे समस्त कष्ट दूर होते हैं। आज प्रदोष व्रत भी है।