आज, श्रीडूंगरगढ़ में, दिन की शुरुआत ‘श्री गणेशाय नम:’ के साथ हुई। सनातन परंपरा में तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण – पंचांग के इन पाँच अंगों का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इनका नित्य पठन और श्रवण जीवन में शुभ फल प्रदान करता है।
आज आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि है, जो सायं 06:35 तक रहेगी। नक्षत्र श्रवण है, जो सुबह 09:35 तक रहेगा। योग धृति रात्रि 09:46 तक है।
शास्त्रों के अनुसार एकादशी तिथि माँ लक्ष्मी की कृपा बरसाती है, वहीं वार श्रवण से आयु में वृद्धि होती है। नक्षत्र श्रवण पापों का नाश करने वाला माना जाता है, जबकि योग श्रवण से प्रियजनों का प्रेम बना रहता है। करण श्रवण से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
पंचांग के अनुसार सूर्योदय 06:27 बजे हुआ और सूर्यास्त 06:18 बजे होगा। ऋतु शरद है।
आज के शुभ और अशुभ समय की बात करें तो अभिजीत मुहूर्त दिन में 11:59 से 12:46 तक रहेगा। राहु काल 10:54 से 12:22 तक रहेगा। दिशा शूल पश्चिम दिशा में रहेगा।
ज्योतिष के जानकारों के अनुसार आज अश्विनी, कृत्तिका, रोहिणी, मृगशिरा, आर्द्रा, पुष्य, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, उत्तराभाद्रपद नक्षत्रों में ताराबल रहेगा। वहीं मेष, कर्क, सिंह, वृश्चिक, मकर, मीन राशियों में चन्द्रबल रहेगा।
आज शुक्रवार है, और इस दिन दक्षिणावर्ती शंख से भगवान विष्णु पर जल चढ़ाकर उन्हें पीले चंदन का तिलक लगाना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे माँ लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं। इस दिन लक्ष्मी माँ को प्रिय श्री सूक्त, महालक्ष्मी अष्टकम और माँ दुर्गा के 32 चमत्कारी नामों का पाठ करना भी फलदायी होता है।
आज पापांकुशा एकादशी का व्रत भी है। साथ ही पंचक रात्रि 09:27 से प्रारंभ हो रहा है।