आज का दिन, सोमवार, श्री गणेश के स्मरण के साथ शुरू हुआ। शास्त्रों में तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण के महत्व का वर्णन है और माना जाता है कि इनका नित्य पठन और श्रवण जीवन में शुभ फल प्रदान करता है।
आज आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि है, जो दोपहर 4 बजकर 33 मिनट तक रहेगी। नक्षत्र मूल है, जो सुबह 6 बजकर 18 मिनट तक रहेगा। इसके बाद का समय शुभ कार्यों के लिए उपयुक्त माना जा रहा है। सौभाग्य योग देर रात 1 बजे तक है।
पंचांग के अनुसार, सूर्योदय 6 बजकर 25 मिनट पर हुआ और सूर्यास्त 6 बजकर 22 मिनट पर होगा। चंद्रमा धनु राशि में विराजमान हैं।
आज के शुभ और अशुभ समय की बात करें तो, अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजे से 12 बजकर 48 मिनट तक रहेगा। वहीं, राहुकाल सुबह 7 बजकर 55 मिनट से 9 बजकर 24 मिनट तक रहेगा। दिशा शूल पूर्व दिशा में है।
चोघड़िया के अनुसार, दिन और रात में अलग-अलग समय पर अमृत, काल, शुभ, रोग, उद्वेग, चल और लाभ की स्थितियां रहेंगी। इन मुहूर्तों के अनुसार कार्य करने से शुभ फल की प्राप्ति हो सकती है।
इसके अतिरिक्त, लग्न तालिका में कन्या, तुला, वृश्चिक, धनु, मकर, कुम्भ, मीन, मेष, वृषभ, मिथुन, कर्क और सिंह लग्न का समय दिया गया है।
सोमवार का दिन भगवान शिव को समर्पित है। मान्यता है कि आज के दिन भगवान शंकर की आराधना करने और शिवलिंग पर पंचामृत या मीठा कच्चा दूध एवं काले तिल चढ़ाने से चन्द्रमा मजबूत होता है, काल सर्प दोष का प्रभाव कम होता है और परिवार से रोग दूर रहते हैं। शिव पुराण के मंत्र “श्री शिवाय नमस्तुभ्यम्” का जाप करने से कष्ट दूर होते हैं और मनवांछित फल मिलता है।
आज शारदीय नवरात्र का आठवां दिन है, जिसे दुर्गाष्टमी के रूप में भी मनाया जाता है। इस दिन मां दुर्गा के महागौरी स्वरूप की पूजा की जाती है। मां को नारियल, पूड़ी, चना और हलवे का भोग लगाया जाता है। कल वृद्धि तिथि के अनुसार दुर्गाष्टमी मनाई जाएगी।
यह जानकारी पंडित श्रीडूंगरगढ़ ONE द्वारा दी गई है।