शास्त्रों में कहा गया है कि तिथि के पठन और श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है, वार के पठन और श्रवण से आयु में वृद्धि होती है। इसी प्रकार, नक्षत्र के पठन और श्रवण से पापों का नाश होता है और योग के पठन और श्रवण से प्रियजनों का प्रेम बना रहता है। करण के पठन-श्रवण से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इसलिए, हर मनुष्य को शुभ फलों की प्राप्ति के लिए नित्य पंचांग देखना और पढ़ना चाहिए।
आज का पंचांग इस प्रकार है:
* **तिथि:** सप्तमी (सुबह 09:24 तक)
* **नक्षत्र:** उत्तराषाढ़ा (शाम 05:30 तक)
* **करण:** वणिज, विष्टि (सुबह 09:24 तक)
* **पक्ष:** शुक्ल
* **योग:** धृति (सुबह 07:50 तक)
* **वार:** बुधवार
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति पर आधारित गणनाओं के अनुसार, सूर्योदय सुबह 06:42 बजे और सूर्यास्त शाम 05:52 बजे होगा। चंद्रमा मकर राशि में स्थित है। ऋतु हेमंत है।
विक्रम संवत 2082 है और मास कार्तिक है। दिन का समय 11 घंटे, 09 मिनट और 28 सेकंड का होगा।
दिन में शुभ और अशुभ समय भी होते हैं। राहु काल दोपहर 12:17 से 01:41 तक रहेगा। दिशा शूल उत्तर दिशा में रहेगा।
ताराबल और चंद्रबल की गणना भी पंचांग का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
आज के दिन, लाभ, अमृत, काल, शुभ, रोग, उद्वेग और चल की चोघड़िया मुहूर्त रहेंगे, जो विभिन्न कार्यों के लिए उपयुक्त समय बताते हैं।
लग्न तालिका के अनुसार, तुला से कन्या तक विभिन्न लग्न मुहूर्त रहेंगे।
पंडित श्रीडूंगरगढ़ ONE के अनुसार, बुधवार के दिन गणेश जी को रोली का तिलक लगाकर, दूर्वा अर्पित करके लड्डुओं का भोग लगाकर उनकी पूजा अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। साथ ही, बुधवार को सभी ग्रहों के राजकुमार बुध देव की आराधना करने से ज्ञान मिलता है, वाकपटुता में प्रवीणता आती है और धन लाभ होता है।
कल गोपाष्टमी है।