WhatsApp Menu
गांव के कच्चे रास्ते पर बोलेरो सहित 22 कार्टून शराब जब्त, SI रतनलाल की टीम ने दिया कार्रवाई को अंजाम  |  18 मार्च 2026 का पंचांग, साथ जाने और भी कई खास बातें आचार्य श्रीडूंगरगढ़ ONE के साथ।  |  श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र से न्यूज एक्सप्रेस में पढ़ें आज की कुछ खास खबरें एकसाथ  |  श्रीडूंगरगढ़ मंडी से देखें सभी जिंसो के “आज के भाव”  |  राधे कृष्णा महिला मंडल ने मनाया गणगौर उत्सव, संस्कृति जागरण का किया प्रयास।  | 

28 नवंबर 2025 का पंचांग, साथ जाने और भी कई खास बातें आचार्य श्रीडूंगरगढ़ ONE के साथ।

शास्त्रों में कहा गया है कि तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण – इन पंच तत्वों से मिलकर बने पंचांग का नित्य पठन और श्रवण मनुष्य के जीवन में शुभ फल लाता है। ऐसा माना जाता है कि तिथि सुनने से माँ लक्ष्मी की कृपा मिलती है, वार सुनने से आयु बढ़ती है, नक्षत्र सुनने से पापों का नाश होता है, योग सुनने से प्रियजनों का प्रेम बना रहता है और करण के श्रवण से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

आज, श्रीडूंगरगढ़ में, पंचांग इस प्रकार है:

* **तिथि:** अष्टमी (00:17 AM तक)
* **नक्षत्र:** शतभिषा (02:50 AM तक)
* **करण:** विष्टि, बव (12:29 PM तक)
* **पक्ष:** शुक्ल
* **योग:** व्याघात (11:05 AM तक)
* **वार:** शुक्रवार
* **सूर्योदय:** 07:05 AM
* **चन्द्रोदय:** 12:58 PM
* **चन्द्र राशि:** कुम्भ
* **सूर्यास्त:** 05:37 PM
* **चन्द्रास्त:** 00:44 AM
* **ऋतु:** हेमंत
* **शक सम्वत:** 1947 विश्वावसु
* **विक्रम सम्वत:** 2082
* **मास:** मार्गशीर्ष

दिन के शुभ और अशुभ समय इस प्रकार हैं: अभिजीत मुहूर्त 12:00 PM से 12:42 PM तक रहेगा। वहीं, राहु काल 11:02 AM से 12:21 PM तक रहेगा। दिशा शूल पश्चिम दिशा में रहेगा।

ताराबल अश्विनी, कृत्तिका, मृगशिरा, आर्द्रा, पुनर्वसु, पुष्य, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, स्वाति, विशाखा, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद नक्षत्रों के लिए अनुकूल है। चन्द्रबल मेष, वृषभ, सिंह, कन्या, धनु और कुम्भ राशियों के लिए शुभ है।

आज शुक्रवार है, और मान्यता है कि इस दिन दक्षिणावर्ती शंख से भगवान विष्णु पर जल चढ़ाने और उन्हें पीले चंदन या केसर का तिलक लगाने से मां लक्ष्मी जल्दी प्रसन्न होती हैं। धन लाभ के लिए श्री सूक्त, महालक्ष्मी अष्टकम और माँ दुर्गा के 32 चमत्कारी नामों का पाठ करना भी शुभ माना जाता है। माँ लक्ष्मी को हलवे या खीर का भोग लगाना चाहिए। शुक्र ग्रह की आराधना करने से जीवन में सुख, ऐश्वर्य और दाम्पत्य जीवन में सुखमयता आती है, साथ ही बड़े भवन और विदेश यात्रा के योग बनते हैं।

यह जानकारी पंडित श्रीडूंगरगढ़ ONE द्वारा दी गई है, और इसका उद्देश्य पाठकों को दिन के शुभ-अशुभ मुहूर्त और ग्रहों की स्थिति के बारे में अवगत कराना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

home होम layers मोबाइल नंबर mic ऑडियोज़ smart_display शॉर्ट्स theaters शोज़