श्री गणेशाय नम:
शास्त्रों के अनुसार तिथि के पठन और श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा मिलती है ।
वार के पठन और श्रवण से आयु में वृद्धि होती है।
नक्षत्र के पठन और श्रवण से पापो का नाश होता है।
योग के पठन और श्रवण से प्रियजनों का प्रेम मिलता है। उनसे वियोग नहीं होता है ।
*करण के पठन श्रवण से सभी तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है ।
इसलिए हर मनुष्य को जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए नित्य पंचांग को देखना, पढ़ना चाहिए ।
आज का पंचांग
27-Mar-2026
Sri Dungargarh, India
तिथि नवमी 10:09 AM
नक्षत्र पुनर्वसु 03:24 PM
करण कौलव, तैतिल 10:09 AM
पक्ष शुक्ल
योग अतिगंड 10:09 PM
वार शुक्रवार
सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ
सूर्योदय 06:30 AM
चन्द्रोदय 01:15 PM
चन्द्र राशि 09:36 AM
सूर्यास्त 06:48 PM
चन्द्रास्त 03:30 AM
ऋतु वसंत
हिन्दू मास एवं वर्ष
शक सम्वत 1948 पराभव
काली सम्वत 5127
दिन काल 12:18:07
विक्रम सम्वत 2083
मास अमांत चैत्र
मास पूर्णिमांत चैत्र
शुभ और अशुभ समय
शुभ समय
अभिजीत 12:15 PM 01:04 PM
अशुभ समय
दुष्टमुहूर्त 08:58 AM 09:47 AM
कंटक 01:53 PM 02:42 PM
यमघण्ट 05:10 PM 05:59 PM
राहु काल 11:07 AM 12:39 PM
कुलिक 08:58 AM 09:47 AM
कालवेला / अर्द्धयाम 03:31 PM 04:21 PM
यमगण्ड 03:44 PM 05:16 PM
गुलिक काल 08:02 AM 09:35 AM
दिशा शूल
दिशा शूल पश्चिम
चन्द्रबल और ताराबल
ताराबल
भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, विशाखा, अनुराधा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद, रेवती
चन्द्रबल
मेष, मिथुन, सिंह, कन्या, धनु, मकर
चोघडिया
चल 06:29 AM – 08:02 AM
लाभ 08:02 AM – 09:34 AM
अमृत 09:34 AM – 11:07 AM
काल 11:07 AM – 12:39 PM
शुभ 12:39 PM – 02:11 PM
रोग 02:11 PM – 03:44 PM
उद्वेग 03:44 PM – 05:16 PM
चल 05:16 PM – 06:48 PM
रोग 06:48 PM – 08:16 PM
काल 08:16 PM – 09:44 PM
लाभ 09:44 PM – 11:11 PM
उद्वेग 11:11 PM – 00:39 AM
शुभ 00:39 AM – 02:07 AM
अमृत 02:07 AM – 03:34 AM
चल 03:34 AM – 05:02 AM
रोग 05:02 AM – 06:29 AM
लग्न तालिका
मीन द्विस्वाभाव
शुरू: 05:59 AM समाप्त: 07:24 AM
मेष चर
शुरू: 07:24 AM समाप्त: 09:00 AM
वृषभ स्थिर
शुरू: 09:00 AM समाप्त: 10:56 AM
मिथुन द्विस्वाभाव
शुरू: 10:56 AM समाप्त: 01:11 PM
कर्क चर
शुरू: 01:11 PM समाप्त: 03:31 PM
सिंह स्थिर
शुरू: 03:31 PM समाप्त: 05:49 PM
कन्या द्विस्वाभाव
शुरू: 05:49 PM समाप्त: 08:05 PM
तुला चर
शुरू: 08:05 PM समाप्त: 10:24 PM
वृश्चिक स्थिर
शुरू: 10:24 PM समाप्त: 00:43 AM
धनु द्विस्वाभाव
शुरू: 00:43 AM समाप्त: 02:47 AM
मकर चर
शुरू: 02:47 AM समाप्त: 04:30 AM
कुम्भ स्थिर
शुरू: 04:30 AM समाप्त: 05:59 AM
आप सभी भक्तो को चैत्र नवरात्री के नवें दिन, महा नवमी की हार्दिक शुभकामनाएं, जय माँ सिद्धिदात्री
नवरात्रि के नवें दिन मां सिद्धिदात्री का पूजन किया जाता है। ये सभी प्रकार की सिद्धियों को देने वाली हैं।
माता सिद्धिदात्री का स्वरूप बहुत सौम्य और मनोहारी है, मां की चार भुजाएं हैं। मां के एक हाथ में चक्र, एक हाथ में गदा, एक हाथ में कमल का फूल और एक हाथ में शंख सुशोभित है। माता सिद्धिदात्री का वाहन सिंह है।
मां सिद्धिदात्री को खीर का भोग लगाया जाता है। अपनी समस्त मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए नवरात्रि की नवमी के दिन माँ सिद्धिदात्री के इस मन्त्र का जाप करना चाहिए।
ह्रीं क्लीं ऐं सिद्धये नम:।
आज कन्या पूजन के साथ ही नवरात्री के नौ दिनों के ब्रत का समापन हो जायेगा, अगर कोई व्यक्ति नवरात्री का ब्रत ना भी रख पाए तो भी हर हिन्दू को यथासंभव नवरात्री में अपने घर पर कन्या पूजन अवश्य ही करना चाहिए।
धर्म शास्त्रों में नवरात्री में कन्या पूजन का बहुत ही महत्त्व बताया गया है । कन्या पूजन, से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है, पूर्ण श्रद्धा, हर्ष – उल्लास से नन्ही नन्ही कंजको को अपने घर में भोजन कराने, उन्हें अपनी श्रद्धा – सामर्थ्य अनुसार उपहार देकर उनसे आशीर्वाद प्राप्त करने से समस्त पापो का नाश होता है, कुंडली के अशुभ ग्रहो से भी शुभ फल मिलने लगते है ।
पण्डित श्रीडूंगरगढ़ ONE