कस्बे के ताल मैदान स्थित पीएमश्री राउमावि में आयोजित इस उपखंड स्तरीय कार्यक्रम में मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी सरोज वीर पूनिया ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन को बेहतर बनाने के लिए पाठ्य पुस्तकीय ज्ञान के साथ-साथ कौशल की जानकारी भी आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि हर व्यक्ति के जीवन में चुनौतियां आती हैं, और विद्यार्थियों को सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास, निरंतर प्रयास, दृढ़ संकल्प और प्रखरता से चुनौतियों का सामना करने के लिए स्वयं को तैयार करना चाहिए, ताकि उनका जीवन सहज और सरल बन सके।
कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती पूजन से हुई, जिसके बाद शाला प्रभारी बालाराम मेघवाल ने स्वागत उद्बोधन दिया। प्रभारी रेणु सोनी ने ‘प्रबल’ कार्यक्रम के बारे में विस्तार से जानकारी दी, जबकि प्राचार्य लक्ष्मीकांत वर्मा ने उपखंड स्तरीय कार्यक्रम की रूपरेखा से प्रतिभागियों को अवगत कराया।
उपखंड के 27 पीईईओ परिक्षेत्रों से आए कुल 47 विद्यार्थियों ने ‘प्रबल’ कार्यक्रम के अन्तर्गत निर्धारित 14 विषयों पर अपने विचार रखे। विषय वस्तु, प्रस्तुतीकरण, भाषा और समग्र मूल्यांकन के आधार पर निर्णायक मंडल ने राउमावि जालबसर के छात्र बाबूलाल और पण्डित कन्हैयालाल सिखवाल अंग्रेजी माध्यम राजकीय विद्यालय, श्रीडूंगरगढ़ की छात्रा गार्गी को सर्वश्रेष्ठ पाया, जिनका चयन अब जिला स्तर के कार्यक्रम के लिए किया गया है।
प्राध्यापक सोनिया आहूजा, सरोज शर्मा, पुष्पा शर्मा और सरोज कुमारी अग्रवाल ने कार्यक्रम में निर्णायक की भूमिका निभाई। इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. मनीष कुमार सैनी ने भी अपने विचार रखे। 21वीं सदी के कौशल पीएमश्री गतिविधि प्रभारी भंवरलाल स्वामी की देखरेख में संपन्न हुए इस कार्यक्रम का संचालन प्राध्यापक मदनलाल कड़वासरा ने किया। सुरभि पारीक, शुभकरण बिस्सू, राधेश्याम रैगर, गोपालराम चौधरी और सुखाराम रैगर ने आयोजन व्यवस्थाओं में सहयोग किया। प्राध्यापक दीपक चौधरी ने शाला की ओर से सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया।
यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को जीवन की चुनौतियों का सामना करने और सफलता प्राप्त करने के लिए आवश्यक कौशल विकसित करने में मदद करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।